IGRS शिकायतों में लापरवाही: कागजों पर दूर की 'शिकायत', कासगंज एडीओ पंचायत को कारण बताओ नोटिस
कासगंज में जनसुनवाई और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर पटियाली के सहायक विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अधिकारी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, कासगंज। जनसुनवाई और आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने और गलत आख्या लगाकर मामलों को बंद करने का एक गंभीर मामला सामने आया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम ने विकास खंड पटियाली के सहायक विकास अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सहायक विकास अधिकारी को सोमवार तक जबाव दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला पटियाली विकास खंड के अंतर्गत एक ग्राम पंचायत का है। जहां शिकायतकर्ता वसुधा, दिवाकर और जसवीर सिंह ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से गांव में साफ-सफाई की बदहाली और तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यह शिकायतें निस्तारण के लिए सहायक विकास अधिकारी के स्तर पर भेजी गई थीं।
मौके पर नहीं पहुंचे और केवल खानापूर्ति की
आरोप है कि अधिकारी ने मौके पर जाकर शिकायतकर्ताओं की समस्या का वास्तविक समाधान कराने के बजाय, केवल कागजी खानापूर्ति की। भेजी गई रिपोर्ट में सिर्फ इतना लिख दिया गया कि सफाई कर्मी द्वारा कार्य करा दिया गया है और मामला राजस्व विभाग से संबंधित है। इसके बाद अधिकारी ने अपनी आख्या में प्रकरण न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है और आर्थिक सहायता की मांग जैसे गलत फ्लैग लगाकर शिकायतों को स्पेशल क्लोज कर दिया, जिससे आवेदकों की समस्या जस की तस बनी रही।
अपर जिलाधिकारी ने कही ये बात
अपर जिलाधिकारी ने इस पूरे कृत्य को शासकीय कार्यों के प्रति घोर उदासीनता, स्वेच्छाचारिता और लापरवाही का परिचायक माना है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि मुख्यमंत्री पोर्टल की शिकायतों को गलत तरीके से बंद करना शासन की प्राथमिकताओं का उल्लंघन है। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से आइजीआरएस शिकायतों को हल्के में लेने वाले अन्य लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।