कासगंज पहुंची तीन भाइयों की अनोखी तिकड़ी, एत्मादपुर से पिता को कांवड़ में बैठाकर निकले शिवधाम
एत्मादपुर के तीन भाइयों ने अपने पिता को कांवड़ में बैठाकर कासगंज के लहरा गंगा घाट से गंगाजल लिया। पिता के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना के लिए ...और पढ़ें

पिता को कांवड़ में बैठाकर कासगंज पहुंचे एत्मादपुर से निकले तीनों भाई।
संवाद सूत्र, कासगंज। सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और मातृ-पितृ सेवा का एक अद्भुत दृश्य कासगंज के लहरा गंगा घाट पर देखने को मिला। आगरा के एत्मादपुर निवासी जयप्रकाश सिंह अपने भाइयों सूरज सिंह और सतेंद्र सिंह के साथ अपने पिता गोदन सिंह को कांवड़ में बैठाकर गंगाजल लेने पहुंचे। कांवड़ के एक ओर पिता को बैठाया गया, जबकि दूसरी ओर उनके बराबर वजन का गंगाजल भरा गया।
तीनों भाई इस अनोखी कांवड़ के साथ एत्मादपुर के लिए रवाना हुए। छह दिन पैदल चल कर भगवान भोलेनाथ के शिवालय पर जलाभिषेक करेंगे। तीनों भाइयों ने बताया कि उनकी मां धनवंती का दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। अब उनके पिता ही परिवार का सबसे बड़ा सहारा हैं। उनकी लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर उन्होंने यह अनूठा संकल्प लिया है।
सोमवार को एत्मादपुर स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में गंगाजल से जलाभिषेक कर पिता की सलामती और परिवार के मंगल की प्रार्थना करेंगे।लहरा गंगा घाट पर इस अनूठी कांवड़ को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने तीनों भाइयों की भावनाओं और अपने पिता के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया।
मां के जाने के बाद पिता ने हमें संभाला है। आज हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी सेवा करें। भोलेनाथ से प्रार्थना है कि हमारे पिता हमेशा स्वस्थ और खुश रहें।
जयप्रकाश, कांवड़िया, एत्मादपुर।कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि माता-पिता के प्रति सम्मान और सेवा का भी संदेश देती है। पिता को साथ लेकर यात्रा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
जयकिशन, कांवड़िया, एत्मादपुर।