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    कौशांबी में बलिया के रसड़ा से बसपा विधायक के प्लांट पर आयकर सर्वे, अधिकारियों ने कर्मियों से घंटों पूछताछ की, दस्तावेज खंगाले

    By Adarsh Kumar Srivastava Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 26 Feb 2026 09:01 PM (IST)

    कौशांबी में बलिया के रसड़ा विधानसभा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से संबंधित संस्था सीएसआइएल के प्लांट पर गुरुवार दूसरे दिन भी आयकर विभाग का सर्वे जारी र ...और पढ़ें

    कौशांबी में सरायअकिल क्षेत्र के जयंतीपुर स्थित प्लांट में अधिकारियों के वाहन व खड़ा डंपर। जागरण

    कौशांबी में सरायअकिल क्षेत्र के जयंतीपुर स्थित प्लांट में अधिकारियों के वाहन व खड़ा डंपर। जागरण

    HighLights

    1. प्रयागराज से तपोस्थली तक सीएसआइएल करा रही फोरलेन का कार्य

    2. 800 करोड़ की है परियोजना, प्लांट में आने-जाने की किसी को अनुमति नहीं

    जागरण संवाददाता, कौशांबी। बलिया जनपद के रसड़ा विधानसभा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से संबंधित संस्था छात्र शक्ति इंफ्रा लिमिटेड (सीएसआइएल) के प्लांट पर गुरुवार को दूसरे दिन भी आयकर विभाग की टीम ने सर्वे की। टीम में शामिल अधिकारियों ने कर्मचारियों से घंटों गहन पूछताछ की और उपलब्ध दस्तावेज भी खंगाले। कर्मचारियों के मोबाइल फोन आदि भी जब्त कर लिए जाने के दावे हैं। इस दौरान प्लांट में किसी को आने-जाने की अनुमति नहीं थी।

    प्रयागराज में झलवा स्थित सिविल एयरपोर्ट से लेकर कौशांबी ब्लाक में तपोस्थली (उत्खनन स्थल) तक फोरलेन निर्माण का ठेका सीएसआइएल कंपनी को मिला हुआ है। यह संस्था पहले बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निर्देशन में थी, जो अब उनकी पत्नी के नाम है। संस्था ने सरायअकिल क्षेत्र के जयंतीपुर गांव के सामने गिट्टी व बालू मिक्स करने का प्लांट लगा रखा है।

    यह संस्था जनवरी 2023 से काम कर रही है। फोरलेन का निर्माण लगभग 42 किमी हो रहा है। इस परियोजना की लागत काश्तकारों के भूमि मुआवजा समेत करीब आठ सौ करोड़ रुपये है। आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को भी इस प्लांट में छापेमारी कर शाम तक जांच-पड़ताल की थी है। सूत्र बताते हैं कि गुरुवार को भी आयकर का सर्वे जारी रहा।

    अधिकारियों द्वारा प्लांट में मौजूद प्रत्येक कर्मचारियों से गहन पूछताछ की गई। साथ ही दस्तावेजों की भी विस्तृत छानबीन की जा रही थी। अधिकारी शाम तक जांच-पड़ताल में व्यस्त रहे। पांच-छह गाड़ियों से अधिकारियों के पहुंचने की बात कही जा रही थी। कोई अंदर-बाहर न आ जा सके, इसके लिए प्लांट के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। यही नहीं वहां तक आवागमन को रोकने के लिए बैरीकेडिंग भी कराई गई थी।

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