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    गर्भपात दवाओं के गलत उपयोग से महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, स्त्री रोग विशेषज्ञ ने बताया- कैसे करें बचाव?

    Updated: Mon, 25 May 2026 06:51 PM (IST)

    गर्भपात की दवाओं का बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहा है। कौशांबी मेडिकल कॉलेज में 50% महिलाएं संक्रमण, बांझप ...और पढ़ें

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    -मेडिकल कॉलेज में अत्यधिक रक्तस्राव, गर्भाशय में संक्रमण और हार्मोनल असंतुलन की 50 फीसदी आ रहीं महिला मरीज

    जागरण संवाददाता, कौशांबी। मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिलने वाली गर्भपात की दवाओं का बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल अब महिलाओं की सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अनुसार बार-बार इन दवाओं का सेवन महिलाओं में संक्रमण, बच्चेदानी की बीमारियों और बांझपन के बढ़ते मामलों की बड़ी वजह बनता जा रहा है।

    मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में ऐसे मामलों में तेजी आई है, जहां महिलाएं बिना जांच और चिकित्सक की सलाह के खुद ही गर्भपात की दवाएं ले रही हैं।

    स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा केसरी का कहना है कि अधूरा गर्भपात होने पर गर्भाशय और गर्भाशय नली में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार संक्रमण इतना गंभीर हो जाता है कि ट्यूब ब्लाक हो जाती है, जिससे महिलाओं को भविष्य में गर्भधारण करने में दिक्कत आती है।

    उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में इस वक्त लगभग 50 फीसद महिलाएं ऐसी ही समस्या को लेकर इलाज कराने आ रही हैं। महिला मरीजों को इलाज के दौरान यह सलाह दी जाती है कि गर्भपात की दवाएं केवल चिकित्सकीय परामर्श और जांच के बाद ही लेनी चाहिए।

    बिना जांच के दवा लेने से अत्यधिक रक्तस्राव, गर्भाशय में संक्रमण और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कई महिलाओं में मासिक धर्म अनियमित होने, बच्चेदानी में गांठ बनने और बार-बार पेट दर्द की शिकायत भी सामने आ रही है।

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    बताया कि सिर्फ गर्भपात की दवाएं ही नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली भी महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रही है।

    देर से शादी, तनाव, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण हार्मोनल गड़बड़ियां बढ़ रही हैं। इसका सीधा असर महिलाओं की प्रजनन (फर्टिलिटी) पर पड़ रहा है।

    ऐसी परिस्थिति में महिलाएं स्वयं दवा लेने से बचें और गर्भ संबंधी किसी भी समस्या में विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूर लें। समय पर जांच और सही इलाज से बांझपन जैसी गंभीर समस्या से काफी हद तक बचाव संभव है।