सिर्फ पटाखे का विस्फोट...या कुछ और? धमाकों की गूंज संग सुलग रहे कई सवाल; सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी
कौशांबी में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से पांच मकान जमींदोज हो गए और कई सवाल खड़े ...और पढ़ें

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में धमाके के बाद गिरे मकान में दबे लोगो को निकालने के लिए सरिया काटते फायरकर्मी। जागरण आर्काइव
HighLights
घटनास्थल से एकत्र किए गए अवशेष को फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी
कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट व धमाके से पांच मकान जमींदोज हुए
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, धमाके से पांच मकान पूरी तरह से जमींदोज। घरों की नींव के अलावा कुछ नजर नहीं आया। करीब 100 मीटर दूर स्थित हाईटेंशन पिलर का ज्वाइंटर, बिजली के तार टूटकर गिरे। इतनी ही दूरी पर स्थित कई मकान क्षतिग्रस्त। बाग में आम के पेड़ पर टंगे टिनशेड, चौतरफा फैला पटाखों का अवशेष और बिखरी बारुद की गंध।
करीब ढाई किलोमीटर मौजूद रहे लोगों ने धमाके की गूंज सुनी तो भागकर मौके पर पहुंचे। वहां की भयावहता देख ग्रामीण अचरज में पड़ गए। उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि यह सिर्फ पटाखे का विस्फोट है...या कुछ और? गांव वाले ही नहीं अस्पताल पहुंचे कुछ घायल के रिश्तेदारों ने भी सुलगते सवाल किए।
बहरहाल, विस्फोटक पदार्थ की तीव्रता को लेकर पुलिस के साथ ही सुरक्षा एजेंसियां भी अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। घटनास्थल से एकत्र किए गए अवशेष को फोरेंसिक लैब भेजकर जांच कराई जाएगी, ताकि कोई नया तथ्य सामने आने पर जांच का दायरा बढ़ाया जा सके।
मनौरी निवासी मदन ने कहा कि एक साल पहले दूसरी पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ था, लेकिन तब की स्थिति इतनी विकराल नहीं थी। सुरेश कुमार ने मनौरी की घटना की तुलना भरवारी धमाके से करते हुए कहा कि वहां भी बिजली के खंभे थे, लेकिन नुकसान नहीं हुआ था। अगल-अलग के मकानों में दरार जरूर आई थी, मगर यहां तो दूसरे मकान पूरी तरह से ढह गए।
इसी तरह कई और लोगों ने आशंका जताई कि पटाखा फैक्ट्री में किसी और तरह का भी विस्फोटक पदार्थ रखा जा सकता है। घटनास्थल पर मौजूद किसी ग्रामीण ने फैक्ट्री में कई कुंतल बारुद का ढेर लगाने तो किसी ने आरडीएक्स रखने तक की चर्चा कर डाली।
एक महिला ने अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने वालों की गतिविधि को संदिग्ध बताया। कहा कि आदिल उसके परिवार से जुड़े लोग कई बार चोरी-छिपे भी सामान लाते थे। हालांकि ग्रामीणों के बीच चर्चा ने कई इशारे किए हैं।
हालांकि पुलिस अधिकारी प्रारंभिक छानबीन के आधार पर पटाखा विस्फोट ही मान रहे हैं। जबकि आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी), स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआइयू) और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर अपने-अपने स्तर पर इनपुट जुटाए। सुगलते सवालों के बीच अब विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसके निष्कर्ष का भी इंतजार किया जा रहा है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।