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कौशांबी में दर्दनाक हादसा: छत ढहने से बुजुर्ग महिला की मौत; नाती के जन्मदिन की खुशियां के बीच मातम छाया

By Adarsh Kumar Srivastava Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 30 Aug 2026 01:42 PM (IST)

कौशांबी के उदहिन खुर्द गांव में छत ढहने से 88 वर्षीय बुजुर्ग महिला कलुई देवी की दर्दनाक मौत हो गई। ...और पढ़ें

कौशांबी में सिराथू तहसील के उदहिन खुर्द में छत गिरने से कमरे में फैला मलबा, इनसेट में कलुई देवी की फाइल फोटो। जागरण

कौशांबी में सिराथू तहसील के उदहिन खुर्द में छत गिरने से कमरे में फैला मलबा, इनसेट में कलुई देवी की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. सिराथू तहसील के उदहिन खुर्द में हुई घटना

  2. पत्थर-मिट्टी से बनी थी छत, भरभराकर गिर पड़ी

संसू, जागरण, उदहिन (कौशांबी)। सिराथू तहसील क्षेत्र के उदहिन खुर्द गांव में 28 अगस्त की देर रात पत्थर और मिट्टी से बनी छत ढहने से नीचे सो रही बुजुर्ग महिला की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की वजह से घर में महिला के नाती के जन्मदिन को लेकर मनाई जा रही खुशियों के बीच मातम छा गया। एसडीएम ने राजस्व कर्मियों के साथ मौका मुआयना कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पीड़ित स्वजन को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का आश्वासन दिया गया है।

उदहिन खुर्द गांव निवासी 88 वर्षीय कलुई देवी पत्नी स्वर्गीय जुग्गीलाल कच्चे मकान में स्वजन के साथ रहती थीं। उनके नाम पैतृक 17 विश्वा भूमि है। इसी जमीन पर उनके बेटे बृजेश व संतोष खेती करते हैं। दोनों भाई खेती के साथ फुर्सत मिलने पर दिल्ली में मजदूरी भी करते हैं।

बृजेश के बेटे सोनू का 29 अगस्त को जन्मदिन था। इसी को लेकर घर में 28 अगस्त को रामचरित मानस का पाठ शुरू था। काफी संख्या में रिश्तेदार भी जुटे थे। रात करीब 12 बजे बारिश के दौरान अचानक छत का एक हिस्सा भरभराकर कमरे में गिर गया। कमरे में सो रहीं कलुई देवी मलबे में दब गईं।

तेज आवाज सुनकर घर में अफरा-तफरी मच गई। रिश्तेदारों ने किसी तरह पत्थर और मिट्टी हटाकर उन्हें बाहर निकाला। सिर में पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल थीं। स्वजन उन्हें सीएचसी सिराथू ले गए, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

महिला की मौत हो जाने से परिवार में खुशियों की जगह मातम छा गया। जिस आंगन में नाती के जन्मदिन की खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहीं वृद्धा की मौत पर चीख-पुकार गूंजने लगी। मानस पाठ बंद कर दिया गया और जन्मदिन के भोज का कार्यक्रम भी रद कर दिया गया।

सूचना पर एसडीएम प्रमेश कुमार श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार विनय कुमार सिंह, लेखपाल यतेंद्र सिंह, कानूनगो कृष्ण देव त्रिपाठी व पइंसा थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

प्रधानमंत्री आवास होता तो बच सकती थी जान

मृतका कलुई देवी की माली हालत बेहद खराब थी। करीब 12 साल पहले उनके पति जुग्गीलाल की मौत हो चुकी थी। जिस घर में वह रहती थीं, वह काफी जर्जर हो चुका था। छत पत्थर की चटिया व मिट्टी से पाटी गई थी। पैतृक खेतों से उनके दो बेटे अपने स्वजन के साथ किसी तरह गुजारा करते थे। कलुई को वृद्धावस्था पेंशन व किसान सम्मान निधि योजना का लाभ तो मिला था, लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका था। ग्राम प्रधान श्यामलाल ने बताया कि आवास योजना के पात्र लोगों के नाम की जो सूची बनी थी, उसमें मृतका का नाम नहीं था।

महिला की मौत की जानकारी के बाद राजस्व कर्मियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
- प्रमेश श्रीवास्तव, एसडीएम सिराथू।

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