यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kaushambi Triple Murder: किसने खेला खूनी खेल... गुत्थी सुलझाने में उलझी पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिली मदद
कौशांबी में रूह कंपाने वाली घटना को लेकर हर कोई हतप्रत है। जिसने भी तिहरे हत्याकांड की घटना के बारे में सुनी उनके कान खड़े हो गए। जमीन के विवाद में पि ...और पढ़ें

मूरतगंज (कौशांबी), श्रवण पटेल। तिहरा हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस काफी उलझी हुई है। एक तरफ जहां तीन लोगों की हत्या किए जाने का मामला उलझा है। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष से घायल अनूप ने भी मृतक पक्ष पर गोली मारने का आरोप लगाया है। बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक बात तो सामने आ गई है कि घटना रात करीब 11 बजे की है। इसे लोग आधी रात या फिर भोर का बताकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे।
खून से लथपथ शवों को देख उड़ गए होश
छबिलवा निवासी सुभाष ने बताया कि पंडा चौराहा स्थित भूमि पर बनी झोपड़ी में उनके बहनोई शिवचरन व बहन बृजकली रहते थे। पिता होरीलाल भी गुरुवार रात वहीं सोने चले गए। डेढ़ किमी दूर बसे छबिलवा गांव में जब सुभाष को शुक्रवार सुबह हत्या की जानकारी हुई तो वह परिवार के साथ मौके पर करीब पांच बजे पहुंचा। खून से लथपथ लाश देखकर वह हतप्रभ रह गया। जिन विपक्षियों पर आशंका थी, उनके घरों में ताला लगा था।
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दूसरे पक्ष के युवक को भी लगी है गोली
इसके बाद परिवार के लोगों ने उपद्रव शुरू कर दिया। पुलिसिया जांच के दौरान जब उच्चाधिकारियों ने दूसरे पक्ष की खोजबीन शुरू की तो पता चला कि अनूप सिंह पुत्र सुग्रीव के सीने में गोली लगी है। वह प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में भर्ती है। अनूप की मां सोना देवी ने बताया कि रात करीब दो बजे गोली की आवाज सुनाई दी थी। सुबह बेटे अनूप, अमित व अनुज पहुंचे, लेकिन मृतक पक्ष के लोग गाली-गलौज करने लगे। लिहाजा बेटे वापस आ गए। कुछ देर बाद मृतक पक्ष के लोग अनूप के यहां पहुंचे और पीटने लगे।
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एंबुलेंसकर्मियों को भी पीटा
सोना देवी ने बताया कि जिस समय उसके बेटे अनूप को सुभाष व उसके परिवार वालों ने पिटाई करते हुए गोली मारी तो अफरातफरी मच गई। उसके सभी बेटे घर छोड़कर भागने लगे। इस पर हमलावरों ने उन्हें खदेड़ लिया। वहीं सोना देवी ने मुहल्ले वालों की मदद से एंबुलेंस सेवा को सूचित किया। एंबुलेंस लेकर कर्मी अनूप को ले जाने लगे तो सुभाष व उसके पक्ष के लोग फिर वापस आ गए। उन्होंने एंबुलेंस कर्मियों की भी पिटाई कर दी। इस पर वह गाड़ी छोड़ भाग निकले और सूचना पुलिस को दी। करीब 20 मिनट बाद पुलिस पहुंची, तब जाकर एंबुलेंसकर्मियों ने अनूप को अस्पताल पहुंचाया। एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है।