आय-जाति तथा निवास और खतौनी के नकल को नहीं भटकेंगें ग्रामीण, एक ही स्थान पर मिलेगी राजस्व सेवाओं की सुविधा
ग्रामीणों को अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र और खतौनी के लिए तहसील नहीं जाना पड़ेगा। 1 जुलाई से कौशांबी के ग्राम सचिवालयों में लेखपाल नियमित रूप से बैठ ...और पढ़ें

कौशांबी का कामन सर्विस सेंटर।
HighLights
तहसील और ब्लाक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे
आय, जाति, निवास, खतौनी जैसी सेवाएं गांव में।
जागरण संवाददाता, कौशांबी। ग्रामीणों को अब आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र और खतौनी की नकल जैसे राजस्व कार्यों के लिए तहसील और ब्लाक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक जुलाई से जिले के सभी ग्राम सचिवालयों में लेखपाल नियमित रूप से बैठेंगे और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न राजस्व सेवाओं का लाभ मिलेगा। शासन की इस व्यवस्था से गांव स्तर पर ही अधिकतर राजस्व संबंधी कार्य समयबद्ध तरीके से निपटाए जा सकेंगे।
ग्रामीणों का समय धन की बचत होगी
नई व्यवस्था के तहत लेखपाल निर्धारित रोस्टर के अनुसार ग्राम सचिवालयों में उपस्थित रहेंगे। यहां आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए आवश्यक सत्यापन, खतौनी की नकल उपलब्ध कराना, भूमि संबंधी अभिलेखों का परीक्षण, नामांतरण से जुड़े प्रकरणों की जानकारी तथा अन्य राजस्व मामलों में ग्रामीणों को सहायता दी जाएगी। इससे लोगों का समय और धन दोनों की बचत होगी।
कई बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ता था
अब तक ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार तहसील का चक्कर लगाना पड़ता था। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को लंबी दूरी तय करने के साथ घंटों इंतजार करना पड़ता था। ग्राम सचिवालय में लेखपाल की नियमित उपलब्धता से इन समस्याओं में काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। साथ ही विभिन्न योजनाओं के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र समय पर मिलने से पात्र लाभार्थियों को भी सुविधा होगी।
वन स्टाप सुविधा के रूप में विकसित होंगे सचिवालय
ग्राम सचिवालयों को ग्रामीणों के लिए वन स्टॉप सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पहले से पंचायत सहायक और अन्य कर्मचारी उपलब्ध हैं। अब लेखपाल के बैठने से राजस्व सेवाएं भी गांव स्तर पर सुलभ हो जाएंगी। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद ने सभी लेखपालों को निर्धारित दिवस पर ग्राम सचिवालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का फरमान जारी कर दिया है।
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नियमित की जाएगी निगरानी
ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की जाएगी। निगरानी का उद्देश्य व्यवस्था को प्रभावी बनाना और ग्रामीणों को समयबद्ध एवं पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित राजस्व अधिकारियों को जिममेदारी सौपी जाएगी। किसी ग्राम सचिवालय में लेखपाल अनुपस्थित पाए जाते हैं नामित अफसर इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देगें।
लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में उपस्थिति के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा। रोस्टर बनाकर राजस्व परिषद को भेजा जाएगा। इसके अलावा इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- डॉ. अमित पाल, डीएम कौशांबी।