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    कौशांबी का मंझनपुर विधानसभा : व्यवस्था की पटरी पर कुछ अधूरा-कुछ खास, बयां कर रहा विधायक का रिपोर्ट कार्ड

    By Gurudeep Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Thu, 23 Jul 2026 07:11 PM (IST)

    मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज के रिपोर्ट कार्ड में कुछ विकास कार्य पूरे हुए, पर पुल, औद्योगिक क्षेत्र और केंद्रीय विद्यालय जैसी परियोजनाएं अधूरी रहीं। ...और पढ़ें

    कौशांबी के मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज का रिपोर्ट कार्ड।

    कौशांबी के मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज का रिपोर्ट कार्ड।

    HighLights

    1. केंद्रीय विद्यालय और न ही औद्योगिक क्षेत्र अब तक हो सका स्थापित

    2. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़हरी नदी पर पुल और न ही बन सका बांध

    जागरणा संवाददाता, कौशांबी। जिले में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मंझनपुर विधानसभा सीट बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विधायक इंद्रजीत सरोज का अभेद्य दुर्ग माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में इस सीट पर इंद्रजीत ने जिस गति से साइकिल दौड़ाई वह रफ्तार यहां के विकास कार्यों में नहीं दिखाई पड़ती।

    पुल नहीं बन सका 

    बाढ़ प्रभावित बड़हरी, ठाकुर का पुरवा, तरमौरा, दयोरी, प्रभासगिरि, भवनसुरी, शाहपुर, उमरावां, जमुनापुर, महेवाघाट गांवों की सुरक्षा के लिए बड़हरी नदी पर अब तक पुल नहीं बन सका। महेवाघाट क्षेत्र में बांध का निर्माण भी नहीं कराया जा सका। जबकि, इसे लेकर स्थानीय लोग काफी समय से जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से मांग कर रहे हैं। बरसात में यमुना में बाढ़ आने पर बड़हरी नदी अथवा कछारी क्षेत्र से इन गांवों में पानी भर जाने से लोगों का आवागमन ठप हो जाता है।

    जनता विधायक के कार्यों का कर रही मूल्यांकन 

    बाढ़ में गांव-गिरांव के साथ जब उम्मीदों का तटबंध डूबता है तो यहां के हालात खुद बता देते हैं कि विधायक निधि उन्हें नसीब नहीं हो सका। अब 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट मिलने लगी है तो जनता अपने विधायक के कार्यों और प्रयासों का मूल्यांकन कर रही है। लब्बोलुआब यही निकलता है कि इस विधानसभा क्षेत्र में व्यवस्था की पटरी पर कुछ खास काम हुए तो कुछ अधूरे भी हैं, लेकिन उम्मीदों का सफर अभी बाकी है।

    मंझनपुर विधानसभा

    कुल मतदाता : 426573
    पुरुष मतदाता : 226533
    महिला मतदाता : 200040

    अलग जिला बनवाने का श्रेय विधायक को जाता है 

    सात अप्रैल 1997 को प्रयागराज (पूर्ववर्ती इलाहाबाद) से कौशांबी को सात अप्रैल 1997 को अलग जिला बनवाने का श्रेय मंझनपुर विधायक इंद्रजीत सरोज को ही जाता है। यह जनपद बसपा शासनकाल में अस्तित्व में आया था। तब इंद्रजीत बसपा सरकार में मंत्री थे। पिछड़े क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले मंझनपुर विधानसभा में लगभग एक दशक से कवायद के बावजूद केंद्रीय विद्यालय खुलने की राह अब तक आसान नहीं हो सकी। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए इस विधानसभा में औद्योगिक क्षेत्र का विकास नहीं हो सका।

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    जाम की समस्या 

    बरसात में यमुना में बाढ़ आने पर बड़हरी नदी अथवा कछारी क्षेत्र में नाव ही आवागमन का एकमात्र सहारा बचता है। बहरहाल, बड़हरी नदी पर पुल निर्माण के लिए सेतु निगम द्वारा पिछले साल प्रस्ताव शासन को भेजा गया। यह बात अलग है कि अब तक स्वीकृति नहीं मिल सकी। लेहदरी पुल से बेनीराम कटरा तक फोरलेन न हो पाने के कारण इसके बीच पड़ने वाली मंझनपुर, करारी समेत अन्य बाजारों में भारी वाहनों के आवागमन से जाम की स्थिति बन जाती है। इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन स्वीकृति मिलती है कि नहीं? यह भविष्य के गर्त में है।

    क्षेत्र में शत-प्रतिशत उपस्थिति रही

    यदि विधायक के सक्रियता की बात करें तो विधानसभा में शत-प्रतिशत उपस्थिति रही है। इनके द्वारा विधानसभा में जल जीवन मिशन योजना, तहसील मुख्यालय में कथित भ्रष्टाचार, अवैध खनन समेत जनहित से जुड़े ढेरों प्रश्न उठाए गए हैं। इस विधानसभा में जिला मुख्यालय होने के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, आधारभूत ढांचागत एवं पर्यटन से संबंधित विकास कार्य काफी हुए और हो भी रहे हैं।

    अस्पताल व बस अड्डा बना

    शिक्षण संस्थानों में नवोदय विद्यालय, पालीटेक्निक, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ), महामाया राजकीय महाविद्यालय और स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कालेज) हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कालेज से संबद्ध जिला अस्पताल, यूनानी और होम्योपैथिक अस्पताल भी हैं। मंझनपुर डिपो का संचालन भी करीब चार-पांच साल पहले हो चुका है। इस क्षेत्र से राम वनगमन मार्ग भी गुजर रहा है, जो अयोध्या को चित्रकूट से सीधे जोड़ेगा। महिला घाट पर यमुना नदी पर बना पुल पिछले साल चालू हुआ।

    पुल निर्माणाधीन है 

    चक गुलाम आलम से चित्रकूट के ताड़ी मुस्तकीम तक यमुना नदी पर ही एक और पुल निर्माणाधीन है। इन पुलों से चित्रकूट का आवागमन सुगम होने के साथ काफी नजदीक हो जाएगा। वहीं, विधायक निधि से पेयजल के लिए हैंडपंप, नाली, इंटरलाकिंग रोड, हाई मास्ट, सोलर लाइट आदि लगवाने के कार्य कराए गए। कैंसर समेत असाध्य रोग से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए मदद दी गई। सबसे ज्यादा धनराशि हैंडपंपों के लगवाने पर खर्च किए गए, क्योंकि जल जीवन मिशन योजना के तहत कई गांवों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो सकी है।

    पर्यटन के क्षेत्र में हुए कार्य 

    पर्यटन के विकास की बात करें तो कौशांबी ब्लाक के कोसम इनाम में टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर, गेट कांप्लेक्स, बौद्ध थीम पार्क, संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। अलवारा को भी ईको टूरिज्म के रूप में विकसित करने को लेकर कार्य चल रहा है।

    जल जीवन मिशन के फेल हो जाने के कारण विधायक निधि से सबसे ज्यादा काम पेयजल के लिए कराया गया। इसके लिए गांवों में हैंडपंप लगवाए गए। केंद्रीय विद्यालय, मेडिकल कालेज में 100 बेड का अलग से अस्पताल बनवाने की मांग सदन में भी की गई, लेकिन पूरी नहीं हुई। लेहदरी पुल से बेनीराम कटरा तक फोरलेन की भी मांग की गई है। खनिज न्यास की बैठक 17 जुलाई को बुलाई गई थी, जिसमें बाढ़ से संबंधित रास्ता निकालने के लिए कहा गया। खनिज विभाग से मिलने वाली धनराशि को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ही खर्च करने के लिए सुझाव दिए गए। मुख्यमंत्री राहत कोष से सैकड़ों असाध्य रोग से पीड़ित मरीजों को मदद दिलवाई गई।
    - इंद्रजीत सरोज, विधायक मंझनपुर।

    मंझनपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता परेशान है। विधायक क्षेत्र में आते नहीं हैं और न विकास कार्य हो रहा है। विधायक निधि का प्रयोग कहां हो रहा है? पता नहीं है। उनके पास कोई शिकायत लेकर जाता है तो कहते हैं कि हमारी सुनी नहीं जा रही है। हमारे पास कोई अधिकार नहीं है। जनता खुद को छला महसूस कर रही है। क्षेत्र पांच से 10 साल पीछे चला गया है।
    - लाल बहादुर, उप विजेता, भाजपा नेता।

    विस क्षेत्र की जनता ने कहा 

    वर्तमान विधायक ने मंत्री पद पर रहने के दौरान क्षेत्र का चहुंमुखी विकास कराया। गांव की सीसी रोड, लिंक मार्ग उन्हीं की देन है। हालांकि, इस समय क्षेत्र का अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाया है। इससे लोगों में काफी नाराजगी है।
    - राजभवन मिश्र, हिसामबाद।

    पूर्ववर्ती सरकार में विधायक जब मंत्री थे तो क्षेत्र का काफी विकास किया। हालांकि, इस कार्यकाल में लोगों की उम्मीद पर खरे नहीं उतर रहे हैं। बिजिया बाजार नहर से आंबाकुआं कच्चा मार्ग को पक्का करवाने की मांग उनसे करते हैं।
    - अमित त्रिपाठी, गौरैए।

    मेरे गांव में विधायक ने दो हैंडपंप दिया। नंदी नीम से सोनी पक्की सड़क तक एक किमी सड़क बनवाने का आश्वासन दिया। बजहा खुर्रमपुर और सोंधिया के बीच नदी में पुल उन्हीं की देन है। क्षेत्र के विकास के लिए प्रयासरत रहते हैं।
    - अमर सिंह, पूर्व प्रधान बजहा खुर्रमपुर।

    वर्तमान विधायक ने नाली, इंटरलाकिंग आदि बनवाई। पानी की समस्या को देखते हुए अपने निधि से बारा, बड़गांव, बैगवां में हैंडपंप दिया। विभाग और ब्लाक कर्मचारियों के सत्यापन में मानकविहीन बताकर हैंडपंप नहीं लगवाए जा सके।
    - बुधराम यादव, बारा।