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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कुंडली मिलान नहीं, शादी से पहले जरूर कराएं ये टेस्‍ट, डॉक्‍टर्स दे रहे सलाह

Published: Fri, 09 May 2025 03:25 PM (IST)

जिस तरह लोग शादी से पहले कुंडली मिलाते हैं उसी तरह थैलेसीमिया की भी जांच करानी चाहिए। सरकार और स्वास्थ्य ...और पढ़ें

शादी से पहले थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग कराने की सलाह दे रहे डॉक्‍टर्स।- सांकेत‍िक तस्‍वीर
शादी से पहले थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग कराने की सलाह दे रहे डॉक्‍टर्स।- सांकेत‍िक तस्‍वीर

HighLights

  1. पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है यह बीमारी
  2. समय पर जागरूकता ही अगली पीढ़ी में जाने से रोकेगा बीमारी

जागरण संवाददाता, कौशांबी। शादी से पहले कुंडली मिलान के साथ ही थैलेसीमिया की स्क्रीनिंग अवश्य कराएं। जिस तरह लोग शादी से पहले कुंडली मिलाते हैं, उसी तरह थैलेसीमिया की भी जांच करानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी इस बीमारी से बच सके। सरकार और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी जागरूकता फैलाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन समाज को भी इस दिशा में अपनी भूमिका निभानी होगी।

स्वसाशी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विश्व प्रकाश ने बताया कि शादी से पहले थैलेसीमिया की जांच कराने पर इससे बच्चों में होने वाली बीमारी के बारे में पहले से ही पता चल जाएगा। अगर माता-पिता दोनों थैलेसीमिया माइनर होते हैं, तो उनके बच्चे में थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

थैलेसीमिया मेजर बच्चों को जन्म के कुछ महीने बाद से ही खून की जरूरत पड़ने लगती है और जीवनभर उन्हें नियमित रक्त चढ़वाना पड़ता है। थैलेसीमिया रोगी को हमेशा थकावट, कमजोरी और संक्रमण का खतरा बना रहता है। यह बीमारी उस समय गंभीर हो जाती है, जब शरीर में आयरन की अधिकता हो जाती है। इसका लिवर, हृदय और अन्य अंगों पर प्रभाव पड़ता है। ऐसे मरीजों को हर समय विशेष देखभाल और उपचार की आवश्यकता होती है।

मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई थैलेसीमिया की जांच

मेडिकल कॉलेज में अब थैलेसीमिया की निशुल्क जांच सुविधा शुरू कर दी गई है, जहां पर लोग पहले से अपाइंटमेंट लेकर या सीधे पहुंचकर अपनी जांच करा सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

मुफ्त में दिया जाता है रक्त

मेडिकल कॉलेज द्वारा थैलेसीमिया मरीज को मुफ्त में रक्त दिया जाता है। मरीज के तीमारदार को रक्त देने की कोई जरूरत नहीं पड़ती है। मरीज को जितना भी रक्त की आवश्यकता होती है। उसको उतना रक्त मेडिकल कॉलेज द्वारा निशुल्क दिया जाएगा।

विवाह पूर्व थैलेसीमिया की जांच कराकर मेडिकल कुंडली बनवाएं

विवाह करने से पहले थैलेसीमिया का परीक्षण कराकर मेडिकल कुंडली बनवाएं। शादी से पहले दंपती को खून की जांच करवाकर ही कुंडली बनवाना चाहिए। जिससे इस साधारण खून की जांच से इस गंभीर बीमारी का पता लगाया जा सकता है। भारत में थैलेसीमिया के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है और यह एक ऐसा रोग है, जिसे जागरूक रहते हुए और समय पर जांच से रोका जा सकता है। नहीं इसके चलते यह रोग आने वाले बच्चे को होगा और यह फिर पीढ़ी दर पीढ़ी चलता रहेगा। डॉ. रवि रंजन, असिस्टेंट प्रोफेसर पैथोलाजी डिपार्टमेंट मेडिकल कॉलेज।

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