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    सावधान! युवाओं को तेजी से अपना शिकार बना रही ये जानलेवा बीमारी, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

    Updated: Wed, 27 May 2026 02:42 PM (IST)

    बदलती जीवनशैली और तनाव के कारण युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ रहा है, जिसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, कौशांबी। बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव और अनियमित खानपान के चलते युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन तेजी से बढ़ रहा है। कभी बुजुर्गों की बीमारी मानी जाने वाली यह समस्या अब कम उम्र के लोगों को भी अपनी चपेट में ले रही है। चिकित्सकों के अनुसार हाई बीपी के शुरुआती लक्षण स्पष्ट न होने के कारण इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।

    मेडिकल कॉलेज में बुधवार को सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक करीब एक हजार मरीजों ने ओपीडी में पर्चा बनवाया। इनमें लगभग 150 मरीज चेस्ट और ब्लड प्रेशर संबंधी समस्याओं से पीड़ित मिले।

    बढ़ रहा हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

    कॉलेज के फिजिशियन डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि इस समय बड़ी संख्या में युवा हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बताया कि लगातार बढ़ा ब्लड प्रेशर शरीर की रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ा देता है। इससे हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसका असर धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है।

    समय रहते नियंत्रण न होने पर हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, किडनी फेल्योर और आंखों की रोशनी प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. सिंह का कहना है कि देर रात तक जागना, तनाव, फास्ट फूड, अधिक नमक का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी इस बीमारी के प्रमुख कारण हैं।

    कई लोग सिरदर्द, चक्कर और घबराहट को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह हाई बीपी के संकेत हो सकते हैं। डॉ. सिंह ने लोगों को इलाज के साथ-साथ नियमित ब्लड प्रेशर जांच कराने, संतुलित भोजन अपनाने, रोजाना व्यायाम करने और तनाव से दूर रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि समय रहते सावधानी बरतकर इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

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    हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

    • लगातार सिरदर्द रहना
    • चक्कर आना और कमजोरी महसूस होना
    • घबराहट और बेचैनी
    • सांस फूलना
    • धुंधला दिखाई देना
    • सीने में दर्द या भारीपन

    बचाव

    • रोजाना ब्लड प्रेशर की जांच कराएं
    • नमक और जंक फूड कम खाएं
    • नियमित योग और व्यायाम करें
    • तनाव से दूर रहें
    • भरपूर नींद लें
    • धूम्रपान और शराब से बचें

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