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    खूब पानी पीने के बावजूद बार-बार लगने वाली प्यास किसी गंभीर बीमारी का इशारा तो नहीं?

    Updated: Sat, 23 May 2026 08:00 AM (IST)

    पर्याप्त पानी पीने के बावजूद लगातार प्यास लगना 'पॉलीडिप्सिया' कहलाता है, जो डिहाइड्रेशन या डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। ...और पढ़ें

    बार-बार पानी पीने के बाद भी लग रही है प्यास? (Image Source: AI-Generated)

    बार-बार पानी पीने के बाद भी लग रही है प्यास? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एक्सरसाइज करने के बाद, तेज गर्मी में या कुछ बहुत ज्यादा नमकीन खाने पर प्यास लगना एकदम नॉर्मल बात है, लेकिन अगर आपको पर्याप्त पानी पीने के बावजूद दिन भर लगातार प्यास लगती रहती है, तो आपका शरीर आपको यह बताने की कोशिश कर रहा है कि सब कुछ ठीक नहीं है।

    मेडिकल भाषा में जरूरत से ज्यादा प्यास लगने की इस स्थिति को 'पॉलीडिप्सिया' (Polydipsia) कहा जाता है। आसान शब्दों में समझें तो इसका मतलब है हर समय असामान्य रूप से प्यास लगना या सामान्य से बहुत ज्यादा पानी पीने की जरूरत महसूस होना। आइए, देहरादून स्थित कैलाश अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के सीनियर कंसल्टेंट, डॉ. अमरीश दीक्षित से डिटेल में समझते हैं इस बारे में।

    Frequent Thirst

    (Image Source: AI-Generated) 

    आखिर क्यों लगती है हद से ज्यादा प्यास?

    अत्यधिक प्यास लगने का सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है। ऐसा तब होता है जब पसीने, उल्टी, दस्त या बुखार के कारण शरीर को मिलने वाले तरल पदार्थ की तुलना में शरीर से पानी ज्यादा बाहर निकल जाता है।

    हालांकि, कई बार यह लगातार लगने वाली प्यास किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का भी संकेत हो सकती है। डॉक्टर अक्सर ऐसी स्थिति में सबसे पहले डायबिटीज की जांच करते हैं। जब ब्लड शुगर का स्तर बहुत बढ़ जाता है, तो शरीर इस अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इससे बार-बार पेशाब आता है, जिसके कारण डिहाइड्रेशन होता है और मरीज को लगातार प्यास लगती है।

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    इसलिए, अगर आपको अत्यधिक प्यास लगने के साथ-साथ ये लक्षण भी दिखें, तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:

    • बार-बार पेशाब आना
    • लगातार थकान महसूस होना
    • आंखों से धुंधला दिखना
    • बिना किसी कारण के तेजी से वजन कम होना

    इसके कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं

    बीमारियों के अलावा भी प्यास के स्तर को बढ़ाने वाले कुछ अन्य कारक हो सकते हैं, जैसे:

    • कुछ खास तरह की दवाइयां
    • बहुत ज्यादा सूखा मौसम
    • जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन
    • तनाव या घबराहट

    कुछ मामलों में, लोगों को असली डिहाइड्रेशन नहीं होता, बल्कि उन्हें 'ड्राई माउथ' की समस्या होती है। मुंह सूखने का सीधा सा अर्थ है कि मुंह में लार का उत्पादन कम हो गया है, जिससे लगातार ऐसा महसूस होता है कि आपको पानी की जरूरत है।

    डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

    लोग अक्सर यह मान लेते हैं कि सिर्फ ज्यादा पानी पीने से यह समस्या अपने आप हल हो जाएगी, लेकिन आपको मेडिकल सलाह जरूर लेनी चाहिए अगर आपकी प्यास:

    • हद से ज्यादा महसूस हो रही हो।
    • अचानक से बहुत ज्यादा बढ़ गई हो।
    • रात में प्यास के कारण आपकी बार-बार नींद खुलती हो
    • सही मात्रा में हाइड्रेटेड रहने के बावजूद कई दिनों तक लगातार बनी रहे।

    याद रखें, कोई भी स्थिति गंभीर होने से पहले हमारा शरीर हमेशा कुछ न कुछ चेतावनी या संकेत जरूर देता है।

    एक्सपर्ट की राय

    डॉ. अमरीश दीक्षित की सलाह बहुत ही स्पष्ट है। वे कहते हैं कि अपनी लगातार लगने वाली प्यास को एक छोटी समस्या मानकर टालने के बजाय, अपने शरीर के संकेतों को सुनें। शरीर में पानी की कमी न होने देना बेहद जरूरी है, लेकिन पूर्ण रूप से स्वस्थ रहने के लिए यह समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि आपका शरीर आखिर बार-बार पानी की मांग क्यों कर रहा है।

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