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सावधान! मोबाइल स्क्रीन पर टकटकी लगाने की आदत कहीं छीन न ले आंखों की रोशनी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Published: Wed, 10 Jun 2026 03:20 PM (GMT+05:30)

स्मार्टफोन और लैपटॉप के अत्यधिक उपयोग से आंखों में जलन, सूखापन और धुंधलापन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे ड्राई आई सिंड्रोम के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।

एआई जेनेरेटेड तस्वीर

एआई जेनेरेटेड तस्वीर

HighLights

  1. स्क्रीन के अत्यधिक उपयोग से आंखों में सूखापन और जलन।

  2. कौशांबी में ड्राई आई सिंड्रोम के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं।

  3. डॉक्टरों ने आंखों की सुरक्षा के लिए 20-20-20 नियम सुझाया।

जागरण संवाददाता, कौशांबी। स्मार्टफोन, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन का बढ़ता उपयोग अब लोगों की आंखों पर भारी पड़ने लगा है। डिजिटल उपकरणों पर घंटों समय बिताने के कारण आंखों में जलन, खुजली, सूखापन और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज और नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिनकी परेशानी की मुख्य वजह स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग है।

मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में प्रतिदिन औसतन लगभग 150 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 15 से 20 मरीज 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के किशोर व युवा होते हैं। चिकित्सकों के अनुसार यह वर्ग पढ़ाई, नौकरी, ऑनलाइन गेमिंग और इंटरनेट मीडिया के कारण लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन के संपर्क में रहता है।

ये होते हैं ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण

लगातार स्क्रीन देखने की आदत आंखों की प्राकृतिक कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत यादव का कहना है कि सामान्य रूप से व्यक्ति एक मिनट में 12 से 15 बार पलक झपकाता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर नजर टिकाए रखता है तो पलक झपकाने की संख्या घटकर चार से पांच बार प्रति मिनट हो जाती है।

इसके कारण आंखों की सतह पर मौजूद आंसुओं की सुरक्षात्मक परत तेजी से सूखने लगती है और आंखों में पर्याप्त नमी नहीं रह पाती है। यही स्थिति आगे चलकर ड्राई आई सिंड्रोम का रूप ले लेती है। ड्राई आई सिंड्रोम के मरीजों को आंखों में चुभन, लालिमा, जलन, भारीपन, बार-बार पानी आने और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

यदि समय रहते उपचार और सावधानी नहीं बरती गई तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि स्क्रीन पर लगातार काम करने वाले लोग 20-20-20 नियम अपनाएं। यानी हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। इसके अलावा पर्याप्त पानी पिएं, समय-समय पर आंखों को आराम दें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।

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