कौशांबी में स्वाइन फ्लू ने दी दस्तक, एक महिला में संक्रमण की पुष्टि
कौशांबी में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग संक्रमित महिला के संपर्क में आए लोगों की निगरानी कर रहा है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
कौशांबी में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया।
स्वास्थ्य विभाग ने संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू की।
गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जागरण संवाददाता, कौशांबी। जिले में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। दारानगर निवासी एक महिला में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। महिला का लखनऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। जांच के दौरान स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पाजिटिव आने की जानकारी कौशांबी के स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद विभाग ने संक्रमित महिला के संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू कर दी है।
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम दारानगर पहुंची। टीम ने महिला के परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई। महिला के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची तैयार कर उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने संभावित संक्रमित लोगों को किसी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी है।
सीएमओ ने बताया कि दारानगर निवासी महिला का लखनऊ के निजी अस्पताल में उपचार कराया जा रहा था। वहीं जांच में उसकी एच1एन1 रिपोर्ट पाजिटिव आई। जानकारी मिलने के बाद जिले के सभी चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक की गई है।
बैठक में सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गांव-गांव जाकर लोगों को स्वाइन फ्लू के लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मियों को लोगों को मास्क के प्रयोग, हाथों की नियमित सफाई और भीड़भाड़ से बचने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
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स्वाइन फ्लू के कारण
- स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा ए वायरस के संक्रमण से होता है।
- संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से वायरस फैल सकता है।
- संक्रमित व्यक्ति की सांस की बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है।
- संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
- संक्रमित हाथों से आंख, नाक या मुंह छूने पर वायरस शरीर में पहुंच सकता है।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
लक्षण
- अचानक तेज बुखार आना।
- खांसी और गले में खराश होना।
- नाक बहना या नाक बंद होना।
- सिरदर्द और बदन दर्द होना।
- अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना।
- ठंड लगना या कंपकंपी होना।
बचाव के उपाय
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से धोएं।
- गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह छूने से बचें।
- बीमार व्यक्ति से अनावश्यक नजदीकी संपर्क से बचें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- घर और कार्यस्थल में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
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