कुशीनगर में नए साल पर कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी, तीन दिन का ऑरेंज अलर्ट
कुशीनगर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहाँ अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने नए साल के लिए तीन दिवसीय ऑरेंज अलर्ट ...और पढ़ें

आज से तीन दिन रहेगा कोल्ड डे, घने कोहरे के बीच रहेगा ठंडी हवा का जोर। जागरण
HighLights
कुशीनगर में अधिकतम-न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज हुई।
नए साल के लिए तीन दिवसीय ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
किसानों और पशुपालकों को ठंड से बचाव की सलाह।
जागरण संवाददाता, कुशीनगर। लगातार पांच दिनों से आसमान से शीत की हो रही वर्षा के बीच सूर्य देव के दर्शन न होने से ठंड ने पूरी जोर से शिकंजा कसा है। इसका असर यह हुआ कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 21.3 की जगह 15.4 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान 9.5 की जगह 7.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
अधिकतम व न्यूनतम तापमान में एक साथ आई इस गिरावट ने लोगों को गलन भरी ठंड से ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग की मानें तो यही कड़ाके की ठंड नव वर्ष का भी स्वागत करेगी। तीन दिनों का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है तो 31 दिसंबर, एक व दो जनवरी को कोल्ड डे रहेगा। घने कोहरे संग सर्द हवा सांसद में डालेगी।
मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि, भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस दौरान अधिकतम तापमान 15-23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8-11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह और शाम के समय सापेक्ष आर्द्रता क्रमशः 96 - 99 प्रतिशत व 68-71 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है।
तीन से आठ किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिमी हवा चलने की भी संभावना है। मुख्य रूप से कोहरा संग ठंडी हवाएं चलेंगी। इसको लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में नव वर्ष के पहले दिन लोगों के उल्लास के साथ ठंडी भी जश्न मनाएगी। दूसरी ओर ठंड के बढ़ते दायरे के बीच अलाव के इंतजाम अब नाकाफी पड़ने लगे हैं।
खबरें और भी
यह भी पढ़ें- गैंगेस्टर एक्ट के आरोपित के घर रामपुर पुलिस ने चस्पा किया नोटिस, कोर्ट में पेश ना होने पर होगी ये कार्रवाई
प्रशासन व निकायों की पहल से चौक चौराहों पर जलने वाले अलाव की आंच मद्धिम हो गई है। एडीएम वैभव मिश्र ने बताया कि, रैन बसेरा, अलाव संग कंबल आदि की पूरी व्यवस्था ठंड से बचाव को लेकर की गई है।
ठंड को लेकर खेती किसानी व पशुपालन को लेकर भी बरते सावधानी
मौसम व कृषि विज्ञानियों के अनुसार ठंड का असर खेती किसानी व पशुपालन पर भी पड़ेगा। किसान सुबह एवं देर रात्रि खेतों में कार्य करने से बचें। सब्जी एवं संवेदनशील फसलों को पालीशीट लो टनल से ढंक कर सुरक्षित रखें। नर्सरी में हल्की सिंचाई केवल सुबह के समय करें, शाम को न करें। गेहूं, सरसों, चना, मटर एवं अन्य रबी फसलों में अधिक सिंचाई से बचें।
ठंड एवं कोहरे के कारण रोगों की संभावना बढ़ सकती है, अतः फसल की नियमित निगरानी करें। पाले की आशंका होने पर फसलों की सुरक्षा हेतु धुआं की व्यवस्था करें। पशु पालक पशुओं को ठंडी हवा एवं कोहरे से बचाकर ढंके हुए स्थान में रखें। गुनगुना पानी पिलाएं एवं पर्याप्त सूखा चारा उपलब्ध कराएं। सूखा बिछावन एवं स्वच्छता बनाए रखें।