कुशीनगर में फर्जी हस्ताक्षर और मुहरों से बदला मालिकाना हक, सरकारी भूमि के बने स्वामी
कुशीनगर के दुदही में भू-माफियाओं और निजी मुंशियों ने फर्जी हस्ताक्षर व मुहरों से सरकारी जमीनें अपने नाम करा लीं। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
कुशीनगर में सरकारी भूमि का फर्जीवाड़ा कर मालिकाना हक बदला गया।
डीएम की जांच के बाद भू-माफियाओं पर FIR, एक गिरफ्तार।
फर्जी हस्ताक्षर, जाली मुहरों से करोड़ों की जमीन हड़पी गई।
जागरण संवाददाता, कुशीनगर। तमकुही तहसील के दुदही में भू-माफिया और प्राइवेट मुंशियों के गठजोड़ से सरकारी भूमि के बंदरबांट का एक बड़ा मामला सामने आया है। फर्जी हस्ताक्षर, जाली मुहरों और कूटरचित आदेशों के माध्यम से ग्राम सभा की नवीन परती और आबादी की जमीनों को निजी नामों पर दर्ज किया गया है। यह मामला डीएम महेंद्र सिंह तंवर के कड़े रुख और जांच के बाद उजागर हुआ।
सोमवार को थाना विशुनपुरा में कई नामजद समेत 30 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच में पता चला है कि तहसील में तैनात प्राइवेट मुंशियों और कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से आकार पत्र 45 में कूटरचित परवाने चढ़ाए गए, जिससे करोड़ों की सरकारी संपत्ति को निजी नाम पर स्थानांतरित किया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, भू-माफियाओं ने दुदही नगर पंचायत और आसपास के क्षेत्रों की बेशकीमती भूमि को निशाना बनाया। बांसगांव की आराजी संख्या 401, जो अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज थी, पर फर्जी आदेश के जरिए अशरफ, शांति देवी और इंद्रकिशोर का नाम दर्ज कराया गया। नगर पंचायत दुदही के वार्ड संख्या 12 में स्थित आराजी संख्या 548, जो आबादी की भूमि है, पर धोखाधड़ी कर संजय और सुशीला का नाम दर्ज किया गया।
एसडीएम तमकुहीराज आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर शिकायत की जांच की गई थी, जिसमें सरकारी भूमि पर फर्जी आदेशों के माध्यम से नाम चढ़वाने का मामला सामने आया है। तहसीलदार महेश कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अगली विधिक कार्रवाई की जा रही है।
