कुशीनगर में नारायणी नदी का बढ़ा जलस्तर, ठोकरों पर मंडराया खतरा
कुशीनगर में नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों और ठोकरों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे मदनपुर सुकरौली के पास ठोकर नंबर-दो के सुरक्षा ब्लॉक धंसने लगे ह ...और पढ़ें
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तमकुहीराज के एपी व अमवाखास बांध के संवेदनशील स्थानों पर भी अलर्ट। जागरण
HighLights
नारायणी नदी के बढ़ते जलस्तर से ठोकर के ब्लॉक धंसे।
बाढ़ खंड विभाग ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया।
रोहुआ नाला उफनाने से दियारा क्षेत्र का संपर्क टूटा।
जागरण टीम, कुशीनगर। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही वर्षा के बीच नारायणी नदी का बढ़ा डिस्चार्ज अब तटबंधों और ठोकरों खतरा खड़ा करने लगा है। खड्डा तहसील के मदनपुर सुकरौली के समीप स्थित ठोकर नंबर-दो पर नदी के तेज बहाव के कारण सुरक्षा ब्लाक धंसने शुरू हो गए हैं।
सूचना मिलते ही बाढ़ खंड विभाग के अधिकारियों में हलचल मच गई। एसडीओ मनोरंजन कुमार टीम के साथ पहुंचे। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एसडीओ ने बताया कि नदी के बढ़ते दबाव के कारण कुछ सुरक्षा ब्लाक धंसे हैं। प्रभावित स्थल पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी के बहाव के अनुसार आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ चिंता बढ़ गई है। विभाग से ठोकर की मजबूती सुनिश्चित करने और कटान रोकने को प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
दूसरी ओर नारायणी के डिस्चार्ज में पांच दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है। रविवार को 1.09 लाख क्यूसेक से शुरू हुआ डिस्चार्ज सोमवार को 1.15 लाख, मंगलवार को 1.29 लाख और बुधवार को बढ़ते हुए 1.58 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। गुरुवार को भी इसमें और वृद्धि दर्ज की गई तथा डिस्चार्ज 1.69 लाख क्यूसेक हो गया।
पिपराघाट गेज पर नदी का जलस्तर 74.55 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 76.20 मीटर से 1.65 मीटर नीचे है। एपी बांध के जवही दयाल के पास नारायणी नदी अप साइड से तटबंध के बिल्कुल निकट बह रही है। नोनिया पट्टी, कचहरी टोला और डीह टोला के समीप भी नदी का दबाव बना हुआ है। बीच धारा में कई स्थानों पर तेज ब्लैक रोलिंग होने से कटान की आशंका बढ़ गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि, यदि डिस्चार्ज में और वृद्धि हुई तो बांध के जर्जर हिस्सों पर दबाव बढ़ सकता है। एसडीओ बाढ़ खंढ तमकुही दीपरतन सिंह ने बताया कि, बांध पर दबाव नहीं है। जल्द ही अधूरे कार्य को पूरा करा लिया जाएगा।
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रोहुआ नाला उफनाया, दियारा का संपर्क टूटा, नाव बनी सहारा
नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर का असर अब दियारा क्षेत्र के आवागमन पर भी पड़ने लगा है। बिहार के नौरंगिया होकर दियारा क्षेत्र को जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित रोहुआ नाला उफान पर होने से सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। नाला पार करने के बाद बड़े पेड़ के गिर जाने से आवागमन बाधित भी हो गया है।
रोहुआ नाला में पानी बढ़ने से दियारा क्षेत्र के शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर, मरिचहवा, बसंतपुर समेत आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। रोजमर्रा के कार्य, खेती-किसानी और आवश्यक सामान की आवाजाही में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बीमार लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।