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नेपाल में बादल फटने से उफान पर नदियां, यूपी के चार जिलों पर बाढ़ का खतरा

Updated: Wed, 26 Aug 2026 04:09 PM (IST)

नेपाल में बादल फटने और भारी बारिश से त्रिशूली व भोटेकोशी नदियों में उफान के कारण उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

नारायणी नदी का बढ़ा जल स्तर। जागरण

नारायणी नदी का बढ़ा जल स्तर। जागरण

HighLights

  1. नेपाल में बादल फटने से त्रिशूली, भोटेकोशी नदियों में उफान।

  2. यूपी के महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर में बाढ़ का अलर्ट।

  3. प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी।

डिजिटल डेस्क, कुशीनगर। नेपाल के त्रिशूली और भोटेकोशी नदी क्षेत्रों में भारी बारिश व बादल फटने से आई भीषण आपदा का असर अब उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर दिखने लगा है। त्रिशूली नदी में आए उफान और जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि के चलते भारतीय निचले इलाकों में बाढ़ की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।

भीषण बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया एक्स के माध्यम से बताया कि इसके प्रभाव से कुशीनगर और महराजगंज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने नेपाल में प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना करते हुए प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कुशीनगर के नारायणी तटवर्ती क्षेत्रों में भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है

महराजगंज जिला प्रशासन के साथ-साथ गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर और आसपास के नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। गंडक, रोहिन और भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र से जुड़ी सहायक नदियों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

नेपाल में हुए भारी नुकसान (पुलों व सड़कों के क्षतिग्रस्त होने) के बाद गंडक व अन्य नदियों में पानी का दबाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश के ये पूर्वांचल जिले पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।

कुशीनगर: दियारा में बाढ़ को लेकर अलर्ट
नेपाल के नवलपरासी पश्चिम स्थित जिला विपद् व्यवस्थापन समिति से मिली सूचना के बाद नारायणी नदी के तटीय और दियारा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बुधवार सुबह 9:40 बजे जारी सूचना के अनुसार नेपाल के नुवाकोट क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। बारिश का पानी नुवाकोट बाजार को प्रभावित करते हुए गल्छी से नीचे तक पहुंचने की सूचना है।ऐसे में इसका असर नारायणी नदी के जलस्तर पर पड़ने की आशंका जताई गई है।

नेपाल में हुई भारी बारिश के मद्देनजर खड्डा तहसील के नारायणी नदी के तटीय और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। नदी का पानी बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहने की अपील की गई है।

प्रशासनिक स्तर से लोगों को खाने-पीने की आवश्यक सामग्री, जरूरी कागजात और कीमती सामान सुरक्षित रखने के साथ बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती और प्रसूता महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थान पर ले जाने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम के निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों से बचने की अपील भी की गई है।

खड्डा तहसील के दियारा क्षेत्र के गांव शिवपुर,हरिहरपुर, नरायनपुर, मरिचहवा, बसंतपुर में खास सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि नेपाल में हुई बारिश का असर नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है।

दियारा में पहुंचे डीएम-एसपी, ग्रामीणों से लिया जायजा
नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद नारायणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। बुधवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने अधिकारियों एवं पुलिस बल के साथ खड्डा तहसील के संभावित बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने शिवपुर गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और नदी व बाढ़ की संभावित स्थिति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। अधिकारियों ने बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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महराजगंज में अलर्ट
नेपाल के रसुवा जिले के सीमावर्ती टिमुरे क्षेत्र में तिब्बत की ओर से अचानक भारी जलप्रवाह आने से भोटेकोशी नदी में आई आकस्मिक बाढ़ के बाद महराजगंज में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि आज सुबह करीब नौ बजे टिमुरे बाजार व आसपास के नदी तटीय क्षेत्रों में क्षति की सूचना मिली है। इसका असर भोटेकोशी-त्रिशूली नदी तंत्र के जरिए निचले क्षेत्रों में पड़ने की आशंका को देखते हुए गंडक नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

डीएम के निर्देश पर सभी तहसीलों, राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ व अन्य विभागों को अलर्ट किया गया है। नदी तटीय व निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित व ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी पूरी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, नदी-नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं, बच्चों, बुजुर्गों व पशुओं को भी दूर रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

आपात स्थिति में संपर्क करें

जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (DEOC), महराजगंज - 05523-222162, 1077 (आपदा हेल्पलाइन), 9628819145, 9621333537

सिद्धार्थनगर जिले में भी नदियों पर निगाह

नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी। बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। पड़ोसी देश में अचानक आई इस बाढ़ ने सिद्धार्थनगर में भी नदियों को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य है और सभी प्रमुख नदियां खतरा बिंदु से नीचे बह रही हैं।

ड्रेनेज खंड की बुधवार सुबह आठ बजे की रिपोर्ट के अनुसार बानगंगा बैराज पर बानगंगा नदी 93.40 मीटर पर बह रही थी, जबकि खतरा स्तर 94.950 मीटर है। बांसी पुल पर राप्ती का जलस्तर 82.52 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरा स्तर 86.270 मीटर है। परसोहन घाट पर बूढ़ी राप्ती 89.90 मीटर पर थी और यहां खतरा स्तर 97.880 मीटर है। मुंहचोवा घाट पर इसका जलस्तर 87.05 मीटर दर्ज हुआ।

नेपाल में भोटेकोशी के उफान के साथ ही वहां की अन्य नदियों की स्थिति पर भी नजर बनी हुई है। इसका पानी आगे चलकर त्रिशूली नदी में जाता है और फिर भारत में गंडक के रूप में प्रवेश करता है। सीमा के इस पार महराजगंज क्षेत्र में गंडक और रोहिन नदी के जलस्तर की स्थिति भी निगरानी का हिस्सा है। हाल में दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे रही हैं।

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अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल में हुई घटना को देखते हुए जिले की नदियों और उनके तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। अभी यहां की नदियां खतरा बिंदु से दूर हैं। जलस्तर में असामान्य वृद्धि होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

फिलहाल सिद्धार्थनगर में बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने यह जरूर याद दिला दिया है कि यहां नदियों का मिजाज पड़ोसी देश की पहाड़ियों में होने वाले बदलाव से तेजी से बदल सकता है। इसलिए प्रशासन सतर्क है और नदी किनारे बसे क्षेत्रों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।