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    एकमुश्त समाधान योजना: एक जनवरी से शुरू होगा दूसरा चरण, बिजली विभाग को मिला एक करोड़ का राजस्व

    Updated: Sat, 27 Dec 2025 04:08 PM (IST)

    बिजली विभाग ने धौरहरा में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के पहले चरण में एक करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व टोकन मनी के रूप में एकत्र किया है। हालांकि, 31 ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. ओटीएस के पहले चरण में एक करोड़ से अधिक राजस्व मिला।

    2. 31 दिसंबर तक सरचार्ज में 100% और मूलधन में 25% छूट।

    3. बिजली चोरी के 137 मामलों को भी योजना में शामिल किया गया।

    संवाद सूत्र, धौरहरा (लखीमपुर)। बिजली विभाग ने एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के पहले चरण में एक करोड़ से ज्यादा राजस्व वसूल किया है। यह राशि सिर्फ टोकन मनी के रूप में जमा हुई है। हालांकि एक दिसंबर से लागू योजना के पहले चरण में पंजीकरण की संख्या उत्साहजनक नहीं है। विभाग 31 दिसंबर तक सरचार्ज में शत प्रतिशत और मूलधन में 25 प्रतिशत की छूट दे रहा है।

    धौरहरा उपखंड के नगर क्षेत्र में ओटीएस के लिए 1862 पात्र उपभोक्ता हैं, जिनमें 27 दिसंबर तक करीब 600 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसी तरह खमरिया पंडित बेल्तुआ क्षेत्र में चयनित 14828 पात्र उपभोक्ताओं में 1050 और धौरहरा ग्रामीण क्षेत्र में चयनित 15212 उपभोक्ताओं में 1100 ने पंजीकरण कराया है। आंकड़ों के अनुसार योजना के पहले चरण में 31902 चयनित उपभोक्ताओं में से लगभग तीन हजार ही शामिल हुए हैं।

    बकाया एक अरब, वसूल हुए एक करोड़

    धौरहरा नगर में ओटीएस में चयनित उपभोक्ताओं पर चार करोड़ 14 लाख बकाया है। धौरहरा ग्रामीण क्षेत्र और खमरिया पंडित बेल्तुआ में यह बकाया क्रमश: 44 करोड़ 89 लाख और 50 करोड़ 44 लाख है। यह कुल बकाया 99 करोड़ 47 लाख बनता है। इसके सापेक्ष दिसंबर में ओटीएस के तीन हजार पंजीकरण से विभाग को महज एक करोड़ के आसपास ही वसूल हुआ है।

    चोरी के मामलों में भी बड़ी राहत

    धौरहरा उपखंड के तीनों स्टेशन पर बिजली चोरी के दर्ज किए गए 137 मामले भी ओटीएस में चयनित हैं। एसडीओ देवेंद्र कुमार बताते हैं कि इनके लिए भी योजना में भारी रियायत की व्यवस्था है। जिन उपभोक्ताओं के बिजली चोरी के मामले लंबित हैं, वह इस योजना का लाभ उठाकर भारी जुर्माना और कोर्ट कचहरी से बच सकते हैं।