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    दुधवा टाइगर रिजर्व: पर्यटकों के लिए सात दिन बाद बंद हो जाएंगे दुधवा के कपाट, 15 नवंबर से फिर खुलेंगे

    Updated: Mon, 08 Jun 2026 10:38 PM (IST)

    दुधवा टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए सात दिन बाद बंद हो जाएगा और पांच महीने बाद 15 नवंबर को फिर से खुलेगा। इस साल बाघों की रिकॉर्ड साइटिंग हुई है, जिससे ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, पलियाकलां (लखीमपुर)। दुधवा जंगल में अगर आप को बाघ, तेंदुआ व जंगली हाथियों का झुंड तथा भालू को खुले में विचरण करते हुए देखना है तो आप के पास केवल एक सप्ताह बचे हैं।

    दुधवा टाइगर रिजर्व सात दिन बाद सैलानियों के लिए बंद हो जाएगा। उसके बाद पार्क के दुलर्भ वन्यजीवों का दीदार पांच माह बाद यानी 15 नवंबर 2026 को ही हो सकेगा।

    इस दौरान पार्क बंद रहेगा और सैलानियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। दुधवा के द्वार सैलानियों के लिए सात दिन बाद यानी सोमवार की शाम को पांच बजे बंद हो जाएंगे। एक सप्ताह बाद पार्क बंद होने वाला है, उससे पहले दुधवा में सैलानियों की चहल पहल बनी हुई है।

    पांच माह बाद तक बंद रहेगा दुधवा

    मानसून के सक्रिय होने को लेकर 15 जून के बाद पार्क को बंद कर दिया जाता है और फिर 15 नवंबर को खोला जाता है। वन विभाग का मानना है कि बारिश शुरु हो जाने के बाद भ्रमण करना सुरक्षित नहीं रह जाता है।

    बारिश से कच्ची सड़के खराब हो जाती है और वाहनों के उसमें फंसने की आशंका रहती है जिससे पर्यटकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सैलानियों के लिए पार्क बंद कर दिया जाता है।

    सर्वाधिक हुई बाघों की साइटिंग

    दुधवा में इस साल बाघों की साइटिंग खूब हुई है। 15 नवंबर से 31 मई तक लगभग 190 दिन दुधवा का पर्यटन सत्र चला है और अधिकांश दिनों में सैलानियों को बाघ दिखा है। दुधवा में हर साल बाघों की संख्या बढ़ रही है।

    बाघों के ज्यादा दिखने में यह भी एक कारक रहा है। पार्क प्रशासन का अनुमान है कि जितने दिन पर्यटन सत्र चला है उनमें से लगभग 85 फीसद दिनों में पर्यटकों को बाघ दिखे हैं।

    चर्चित रही बच्चों के साथ दिखने वाली बाघिन

    किशनपुर में अपने बच्चों के साथ अक्सर टहलती हुई दिख जाने वाली बाघिन इस साल भी चर्चित रही। हालांकि अब उसके बच्चे बड़े हो गए हैंऔर वे अक्सर इधर उधर टहलते भी देखे जाते हैं। यह बाघिन अपने शावकों के साथ अक्सर किशनपुर घूमने जाने वाले पर्यटकों को दिखाई दे जाती है।

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    पर्यटकों से बार बार मुखातिब होने के कारण यह बाघिन काफी टूरिस्ट फ्रेंडली भी हो गई है। वह सैलानियों की जिप्सी देखने के बाद भी उनसे डरती नहीं है और न ही आक्रामक होती है।

    क्या कहते हैं अधिकारी

    दुधवा के डीडी जगदीश आर ने बताया कि सात दिन बाद 15 नवंबर को पार्क पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाएगा। शासन से इससे संबंधित आदेश हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस साल बाघों की साइटिंग ज्यादा हुई है, इसलिए यहां आने वाले पर्यटक भी काफी खुश होकर गए हैं।