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    लखीमपुर में करोड़ों के चीनी घोटाले में ED का शिकंजा, मिल के तत्कालीन मेन अकाउंटेंट को पेशी का समन

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 05:35 PM (IST)

    लखीमपुर के संपूर्णानगर चीनी मिल में करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेज कर दी है। इस मामले में ED ने मिल के तत्कालीन मुख्य ल ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. लखीमपुर चीनी मिल घोटाले में ED की जांच तेज।

    2. करोड़ों की धोखाधड़ी में पूर्व लेखाकार को समन।

    3. तमिलनाडु की कंपनी पर वित्तीय अपराध का आरोप।

    संवाद सूत्र, संपूर्णानगर (लखीमपुर)। किसान सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर के चीनी घोटाले में अब बड़े वित्तीय अपराध की दिशा में जांच मुड़ गई है। तमिलनाडु की एक निजी कंपनी द्वारा की गई करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में करीब तीन वर्ष पूर्व पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

    एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सौंपी गई थी, जिसने अब अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस चीनी घोटाले में नया मोड़ तब आया जब ईडी ने एफआईआर दर्ज कराने वाले तत्कालीन मुख्य लेखाकार गीतेन्द्र कुमार को समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया।

    चीनी घोटाले में धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच के तहत ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने किसान सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर के तत्कालीन मुख्य लेखाकार गीतेन्द्र कुमार को धनशोधन निवारण अधिनियम की धारा 50 के तहत समन जारी किया है। ईडी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, गीतेन्द्र कुमार को 11 अगस्त 2026 को सुबह 10:30 बजे लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

    इन अहम दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स पर ED की नजर

    ईडी की जांच का मुख्य बिंदु तमिलनाडु की निजी कंपनी के साथ हुआ लेनदेन और अनुबंध है। ईडी ने चीनी मिल प्रशासन से तमिलनाडु की निजी कंपनी के साथ हुए समझौते और बोर्ड/प्रशासनिक मंजूरी के दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही चीनी निर्यात कोटा, चीनी के उठाव, पत्राचार और विवाद की वर्तमान स्थिति से जुड़ी पूरी फाइल मांगी गई है।

    इसके अलावा, ईडी ने सप्लाई की गई चीनी की मात्रा, प्राप्त भुगतान, लंबित दस्तावेज और केंद्र सरकार से न मिली सब्सिडी का ब्योरा भी तलब किया है। चीनी निदेशालय, यूपी कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रिज फेडरेशन और अन्य जांच एजेंसियों के साथ हुए पत्राचार तथा इस सौदे व अनुबंध की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों का पूरा विवरण पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

    जानिए क्या है चीनी घोटाले का पूरा खेल

    किसान सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर और तमिलनाडु की एक निजी कंपनी के बीच चीनी सप्लाई और निर्यात का अनुबंध हुआ था। खातों और कागजातों के मिलान के दौरान इस बड़े चीनी घोटाले का खुलासा तब हुआ जब निजी कंपनी के पीडीसी चेक बैंक में बाउंस हो गए। आरोप है कि तमिलनाडु की निजी कंपनी ने धोखाधड़ी करते हुए मिल को करोड़ों रुपये का भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया है और निर्यात नियमों का अवहेलना की।

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    यह काफी दिनों तक दबा रहा बाद में उच्चाधिकारियो के निर्देश पर करीब तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्य लेखाकार गीतेन्द्र कुमार ने 6 नामजद आरोपितों के खिलाफ स्थानीय पुलिस में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर के बाद मामले की जांच ईडी को सौंपी गई थी।

    अब ईडी द्वारा शिकायतकर्ता संपूर्णानगर चीनी मिल के तत्कालीन मुख्य लेखाकार गीतेन्द्र कुमार को समन जारी कर तलब किए जाने से हड़कंप मच गया है। इससे संबंधित कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

    क्या कहते हैं चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक

    मामले में चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक मोईनुल सलाम ने ईडी द्वारा समन भेजे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि यह मामला करीब तीन-चार वर्ष पुराना है और उनके कार्यकाल का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईडी की जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और जांच एजेंसी द्वारा जो भी दस्तावेज मांगे जाएंगे, उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा।