खीरी हिंसा : तत्कालीन CO का वेतन रोकने के आदेश, गैर जमानती वारंट जारी; जिला जज का रुख सख्त
लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत ने तत्कालीन सीओ निघासन संजय नाथ तिवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया और वेतन रोकने ...और पढ़ें

HighLights
तत्कालीन सीओ संजय नाथ तिवारी के खिलाफ वारंट जारी।
अदालत ने वेतन रोकने का भी आदेश दिया।
गवाही टालने पर जिला जज ने जताई नाराजगी।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। बहुचर्चित खीरी हिंसा की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन सीओ निघासन संजय नाथ तिवारी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने और वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। अदालत ने गवाही टालने के प्रयास को गंभीर मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई।
मुख्य मुकदमे में घटना के गवाह तत्कालीन सीओ संजय नाथ तिवारी की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही चल रही थी। पहले दिन समयाभाव के चलते बचाव पक्ष की ओर से आंशिक जिरह ही हो सकी थी। इसके बाद 27 मई को दोबारा जिरह शुरू हुई थी।
जताई कड़ी आपत्ति
शुक्रवार को मुकदमे में आरोपित अंकित दास की ओर से अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ को गवाह से जिरह करनी थी, लेकिन गवाह संजय नाथ तिवारी की ओर से अदालत में स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इसमें प्रशासनिक बैठक में व्यस्तता का हवाला देते हुए गवाही देने में असमर्थता जताई गई। इस पर जिला जज शिव कुमार सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे इतने संवेदनशील मुकदमे में गवाह का इस तरह अनुपस्थित रहना गंभीर मामला है।
अदालत ने गवाह के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि जब तक गवाही पूरी नहीं होती, तब तक उनका वेतन रोका जाए। साथ ही उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया गया। मुकदमे की अगली सुनवाई अब तीन जून को होगी।