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    लखीमपुर में कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक संस्थानों में नियमों की अनदेखी, आपदा में बचाव मुश्किल

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 01:24 PM (IST)

    लखीमपुर की संकरी गलियों में चल रहे होटल, कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक संस्थान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे आपदा की स्थिति में जानमाल का ख ...और पढ़ें

    कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक संस्थानों में नियमों की अनदेखी।

    कोचिंग सेंटर और व्यावसायिक संस्थानों में नियमों की अनदेखी।

    HighLights

    1. संकरी गलियों में सुरक्षा नियमों का खुला उल्लंघन।

    2. आपातकालीन निकास और अग्निशमन यंत्रों की कमी।

    3. अग्निशमन वाहनों का पहुंचना भी मुश्किल।

    संवाद सूत्र, लखीमपुर। शहर की संकरी गलियों में संचालित होटल, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक संस्थान लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। इन भवनों में शासन की सुरक्षा संबंधी गाइडलाइन का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।

    रोजाना यहां सैकड़ों कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र से लेकर ग्राहक पहुंचते हैं, लेकिन आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी के पर्याप्त इंतजाम तक नहीं हैं। हालांकि इसके बारे में जानकारी होने के बाद भी जिम्मेदार अनजान बने हैं।

    जिला मुख्यालय पर ही कई संस्थान ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जिनमें केवल एक ही प्रवेश और निकास द्वार है। ऐसे में आपातकाल में भगदड़ की स्थिति बन सकती है। अधिकांश भवनों में पर्याप्त खिड़कियां या वैकल्पिक निकास मार्ग तक नहीं हैं।

    कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र या तो लगे ही नहीं हैं, और जहां लगे हैं वहां पर उनकी संख्या बेहद कम है।वहीं अग्निशमन यंत्र लगवाने वाले इन्हें चलाना तक नहीं जानते। जिम्मेदारों का कहना है कि संस्थानों की गलियां इतनी संकरी है इन भवनों तक अग्निशमन वाहनों का पहुंचना भी आसान नहीं होगा।

    ऐसे में आग लगने की घटनाएं होने पर राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित होने से जनहानि का खतरा कई गुना तक बढ़ना स्वाभाविक है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और सख्त कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण नियमों की अनदेखी लगातार जारी है। शहर में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों के बीच सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

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    निरीक्षण के दौरान सिर्फ सुरक्षा के मानक की नहीं चेक किए जाते, बल्कि वहां पर मौजूद लोगों को आग बुझाने वाले उपकरण चलाने का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। वहीं गलियां आदि के लिए दो मोटर फायर बाइक भी हैं। -अक्षय रंजन शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी लखीमपुर खीरी।