लखीमपुर में लंगूर को लगा बाइक पर बैठकर घूमने का चस्का, बाइक सवार लंगूर का वीडियो वायरल
Langur in Lakhimpur: हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह का घटनाक्रम न केवल बाइक सवार बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। शन ...और पढ़ें
HighLights
लंगूर ने लगातार दूसरे दिन की बाइक की सवारी, सवार पर नहीं किया हमला
रास्ते से जा रहे लोगों की बाइक पर कूदकर बैठ रहा लंगूर और कर रहा सवारी
लंगूर के शनिवार को एक युवक पर हमले के बाद भी वन विभाग बेखबर
संवाद सूत्र, लखीमपुर। जंगली जानवरों की भरमार वाला जिले का भीरा-बिजुआ स्टेट हाईवे पर इन दिनों लंगूर की बाइक की सवारी को लेकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बना है। यहां लोग पिछले दो दिनों से हैरान करने वाला नजारा देख रहे हैं। एक लंगूर राह चलते बाइक सवारों की पिछली सीट पर बैठकर कई किलोमीटर तक सफर करता दिखाई दे रहा है।
हाईवे पर बाइक की सवारी करते लंगूर का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राहगीर इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं, लेकिन लंगूर को यह रोमांचक प्रदर्शन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लंगूर अचानक किसी भी बाइक पर पीछे बैठ जाता है और कई किलोमीटर तक सफर करता रहता है। इस दौरान करने वाले स्टंट को कई लोग उसे देखकर हंसते हैं और उसका वीडियो भी बनाते हैं और कुछ उसे छेड़ने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे में लंगूर आक्रामक होकर झपटने का प्रयास करता है।
हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच इस तरह का घटनाक्रम न केवल बाइक सवार बल्कि अन्य राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। शनिवार को शंकरपुर गांव के एक युवक के साथ ऐसी ही घटना हो चुकी है। युवक की बाइक पर कई किलोमीटर तक बैठकर सफर करने वाले लंगूर ने नीचे उतरते ही उस पर हमला कर दिया था। हमले में युवक की गर्दन पर गहरे नाखून के निशान आ गए थे। घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजुआ में भर्ती कर प्राथमिक उपचार कराया गया।
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लोगों का कहना है कि हाईवे और आसपास के क्षेत्रों में लंगूरों की बढ़ती गतिविधियों की जानकारी वन विभाग को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यदि समय रहते लंगूरों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर नहीं भेजा गया या उनकी निगरानी नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा या गंभीर हमला हो सकता है। लोगों का आरोप है कि वन विभाग की उदासीनता के कारण स्थिति दिन-ब-दिन चिंताजनक होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगली जानवरों के असामान्य व्यवहार को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से तत्काल अभियान चलाकर लंगूरों को आबादी और हाईवे से दूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
इसको प्रतिबंधित तो नहीं किया जा सकता
लंगूर की बाइकों की सवारी से होने वाले खतरे को लेकर रेंजर भीरा रमाकांत ने कहा कि लंगूर तो स्वछंद तरीके से विचरण करने वाला प्राणी है। वैसे तो इसको प्रतिबंधित तो नहीं किया जा सकता है, लेकिन फिर भी ग्रामीण इलाकों में पटाखे वगैरह दागकर सुरक्षित स्थानों की ओर भगाया जाएगा।