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    लखीमपुर में बाघ पकड़ने का अभियान छह दिन के लिए स्थगित, फिर हरीनगर पहुंचा टाइगर

    Updated: Sun, 22 Mar 2026 07:37 PM (IST)

    त्रिकोलिया में आतंक मचाने वाला बाघ महिपालपुरवा, अंजीरबोझ और ऐंठपुर से होता हुआ वापस हरीनगर पहुंच गया है। दुधवा में गैंडों को लेकर चल रहे अभियान के कार ...और पढ़ें

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    संवाद सूत्र, पलियाकलां (लखीमपुर)। त्रिकोलिया में आतंक का पर्याय बना बाघ महिपालपुरवा, अंजीरबोझ व ऐंठपुर तक भागने के बाद अब पुन: हरीनगर पहुंच गया है। उसे पकडऩे व ट्रैैंकुलाइज करने का अभियान दुधवा में गैैंडों को लेकर शुरू किए अभियान के चलते छह दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि पलिया रेंज के वनकर्मी अभी मौके पर तैनात है और बाघ पर नजर रख रहे हैैं।

    इस बीच हरीनगर गांव में बचे खुचे गन्ने को वनकर्मी अपने सामने छिलवा रहे हैैं जिससे कोई अप्रिय घटना न हो सके। इसके साथ ही ग्रामीणों को जागरुक भी किया जा रहा है जिससे वे बाघ से स्वयं भी बचाव कर सकें। त्रिकोलिया से भागकर महिपालपुरवा पहुंचा बाघ धीरे धीरे करके ऐंठपुर पहुंच गया था और वहां मौजूद भगहर में नरकुल के जंगल में जाकर छिप गया था।

    बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली

    शनिवार को मौसम खराब होने के कारण बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिल पाई ती पर रविवार को जब बाघ को ट्रेस करने का काम शुरू किया गया तो उसके अंजीरबोझ से हरीनगर की तरफ जाने के पगमार्क मिले। इसके बाद उसे ड्रोन के जरिए तलाशा गया तो उसकी लोकेशन हरीनगर में पाई गई। पलिया रेंज के वनकर्मी इस समय हरीनगर में तैनात हैं और बाघ पर नजर रख रहे हैं।

    इस बीच दुधवा में संरक्षित क्षेत्र से निकाल कर गैैंडों को खुले जंगल में विचरण करने के लिए छोड़े जाने को लेकर अभियान शुरू करने से बाघ को पकडऩे के अभियान को स्थगित कर दिया गया है। बाघ को ट्रैैंकुलाइज करने के लिए तैनात डा. दया शंकर व बाघ को घेरने के लिए लगाई गई दोनों हाथियों को दुधवा बुला लिया गया है, इसलिए बाघ पकडऩे के अभियान को छह दिन के लिए रोक दिया गया है।

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    इस बीच हरीनगर में बचे खुचे गन्ने को वनकर्मी अपनी देखरेख में छिलवा रहे हैैं जिससे कि कोई हादसा न हो सके। इसके साथ ही वनकर्मी गांव वालों को बाघ के प्रति जागरुक भी कर रहे हैैं जिससे कि वे लोग स्वत: भी अपना बचाव कर सकें। इस संबंध में डिप्टी रेंजर शिव बाबू सरोज ने बताया कि बाघ अंजीरबोझ से पुन: हरीनगर पहुंच गया है।

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    उसकी लोकेशन मिलने के बाद उस पर नजर रखने के लिए वनकर्मियों को हरीनगर में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि वनकर्मी गन्ना छीलने में लगे मजदूरों की सुरक्षा को लेकर आसपास बने हुए हैैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। उन्होंने बताया कि बाघ को पकडऩे का अभियान छह दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।