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    ललितपुर में कर्ज से दबे किसान ने की आत्महत्या, खेत में मिला शव

    Updated: Sun, 31 May 2026 06:57 PM (IST)

    ललितपुर के महरौनी क्षेत्र में कर्ज से परेशान 41 वर्षीय किसान धर्मपाल लोधी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि खेती और वाहनों के कर्ज क ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, ललितपुर। कोतवाली महरौनी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जरया में शनिवार रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ 41 वर्षीय एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    मृतक के परिजनों का कहना है कि खेती-किसानी और वाहनों के कर्ज की परेशानी के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर घटना के वास्तविक कारणों की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

    ग्राम जरया निवासी धर्मपाल लोधी (41) पुत्र उत्तम सिंह शनिवार शाम करीब 6 बजे अपनी पिकअप गाड़ी में दूध लादकर कस्बा विरधा जा रहा था। रास्ते में ग्राम सिलावन के पास गाड़ी का डीजल खत्म हो गया।

    धर्मपाल ने अपने पुत्र राजा बाबू को फोन कर डीजल मंगाया। पुत्र अपने दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से डीजल लेकर पहुँचा और गाड़ी में डीजल डाला।

    इसके बाद धर्मपाल अपने पुत्र के दोस्त के साथ मोटरसाइकिल से वापस घर लौट आया, जबकि पुत्र पिकअप लेकर विरधा चला गया। रात करीब 9 बजे जब पुत्र विरधा से वापस घर पहुँचा, तो उसने अपनी माँ देवकुंवर से पिता के बारे में पूछा।

    माँ ने बताया कि पिता घर नहीं पहुँचे हैं। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने तत्काल उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान वह गाँव के पास स्थित अपने खेत पर पहुँचे, जहाँ महुआ के पेड़ के नीचे धर्मपाल की मोटरसाइकिल खड़ी मिली।

    परिजनों ने आगे तलाशी ली, तो कुछ दूरी पर स्थित एक आम के पेड़ से धर्मपाल का शव रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। यह दृश्य देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

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    महरौनी पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों की मदद से शव को फं दे से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच शुरू कर दी है।

    कर्ज बना जान का दुश्मन

    मृतक के चचेरे भाई अमर सिंह का कहना है कि धर्मपाल परिवार में दो भाइयों व एक बहन में छोटा था। उसके एक पुत्र व एक पुत्री है। वह खेती- किसानी के साथ-साथ दूध डेरी का व्यवसाय करता था।

    परिजनों के अनुसार, धर्मपाल ट्रैक्टर, पिकअप गाड़ी और किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर पिछले काफी समय से भारी मानसिक तनाव में था। माना जा रहा है कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव के चलते ही उसने यह जानलेवा कदम उठाया है।