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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी में ड्यूटी से गायब चल रहे 26 डॉक्टर होंगे बर्खास्त, नोटिस जारी; एक महीने में मांगा गया जवाब

    Updated: Tue, 03 Sep 2024 09:57 AM (IST)

    यूपी में ड्यूटी से गायब चल रहे 26 डॉक्टरों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। इन चिकित्सकों को नोटिस जारी क‍िया गया है और एक महीने के भीतर जवाब मांगा ...और पढ़ें

    लापरवाह डॉक्‍टरों को नोटिस की औपचारिकता पूरी करने के बाद द‍िखाया जाएगा बाहर का रास्ता।- सांकेत‍िक तस्‍वीर
    लापरवाह डॉक्‍टरों को नोटिस की औपचारिकता पूरी करने के बाद द‍िखाया जाएगा बाहर का रास्ता।- सांकेत‍िक तस्‍वीर

    HighLights

    1. लापरवाही पर संयुक्त निदेशक से मांगा जवाब
    2. तीन डॉक्टरों की रोकी गईं दो-दो वेतन वृद्धि

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। ड्यूटी से गायब चल रहे 26 डॉक्टरों को बर्खास्त किया जाएगा। इन चिकित्सकों को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर अपना जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस की औपचारिकता पूरी करने के बाद इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। बीते पांच वर्षों में कुल 438 डॉक्टरों को बर्खास्त किया जा चुका है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के कुल 1,8500 पदों में से 11,500 पद ही भरे हुए हैं। ऐसे में ज्यादा कार्य, नई योजनाओं को लागू कराने का दबाव और प्राइवेट व कारपोरेट अस्पतालों में ज्यादा वेतन मिलने के कारण डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने से कतरा रहे हैं। ज्यादातर नए भर्ती चिकित्सक ही नौकरी छोड़ रहे हैं।

    महाराजगंज के नौतनवा के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में डॉक्टर तैनात न किए जाने पर संयुक्त निदेशक डॉ. नीना वर्मा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ड्यूटी में लापरवाही करने और शासकीय कार्यों में योगदान न देने पर सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं।

    इन डॉक्‍टरों पर की गई कार्रवाई

    ड्यूटी से बिना बताए लंबे समय से गायब चल रहे जिन डॉक्टरों पर कार्रवाई गई गई है उनमें जालौन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), कोंच पर तैनात डा. प्रशांत पाठक व कालपी सीएचसी वाईएस सिद्दीकी, बरेली के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) के अधीन कार्यरत डा.सुरभि गुप्ता व डा. इमरान खान, मैनपुरी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के समान किशनी के राजकुमार, अनुज कुमार, पीएचसी कुसमुरा के डा. मोहम्मद सलीम, सीएमओ सिद्धार्थनगर के अधीन तैनात, डा. प्रवीन आनंद, डा. नेहा सिन्हा व डा. ज्योत्सना ओझा शामिल हैं।

    वहीं, ललितपुर के सीएमओ के अधीन कार्यरत डॉ. शुभांशु शिवहरे, डॉ. विवेक कुमार गौतम, डॉ . मोहम्मद हाशिम, सीएमओ बलिया के अधीन कार्यरत डॉ . प्रमोद कुमार व डा. पूजा सिंह, सीएमओ बस्ती के अधीन कार्यरत डॉ. अमोद कुमार सरोज, रायबरेली की सीएचसी जगतपुर की डा. प्रियंका सोनी, सीएमओ के अधीन कार्यरत डा. शुभेंद्र कुमार मौर्य, सीएमओ मथुरा के अधीन कार्यरत डा. त्रिशाला भदकारिया व डा. अभय गर्ग, फिरोजाबाद की सीएचसी सिरसागंज के डा.अमित कुमार सिंह, पीएचसी आनंदपुर जारखी के डा. अनुज गौतम, पीएचसी खैरगढ़ के डा. संजीव कुमार, पीएचसी बछगांव कोटला के डा. हिमांशी सागर व सीएमओ के अधीन कार्यरत डा. सृष्टि सिंह व बहराइच के पयागपुर में तैनात दंत शल्यक डा. पूनम पाल शामिल हैं।

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    तीन डॉक्टरों की रोकी गईं दो-दो वेतन वृद्धि

    जिन डॉक्टरों की दो-दो वेतन वृद्धियां दो वर्ष के लिए रोकी गई हैं, उनमें सीएमओ फिरोजाबाद के अधीन कार्यरत डॉ. मनीषा अग्रवाल, सीएमओ बागपत के अधीन कार्यरत डा. समीर गुप्ता व सीएमओ कानपुर देहात के अधीन कार्यरत शिल्पी सोनकर शामिल हैं। डॉ. शिल्पी सोनकर को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

    वहीं शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने व शासन के निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप में छह डॉक्टरों को आरोप पत्र दिए जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसमें सहारनपुर की सीएचसी हरोड़ा के डॉक्टर प्रवेश कुमार भटिया, बहराइच की सीएचसी देवीदास पुर के डा. प्रशांत श्रीवास्तव, सीएमओ बरेली के अधीन कार्यरत डा. अमित कुमार, डा. दिव्या गाैड़ व डा. शशांक वर्मा, शाहजहांपुर सीएमओ के अधीन कार्यरत डा.रिजवान अहमद खान शामि हैं।

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