यूपी पॉवर कॉरपोरेशन का दावा: विद्युत दुर्घटनाओं में 31% कमी, नहीं हुई आउटसोर्स कर्मियों की छंटनी
पॉवर कॉरपोरेशन ने विद्युत दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 31% कमी और 32 आउटसोर्स कर्मियों की जान बचाने का दावा किया है, साथ ही छंटनी की खबरों को खार ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने कहा है कि मानवीय जीवन की सुरक्षा निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। ड्यूटी के दौरान आउटसोर्स कर्मियों की सुरक्षा का मुकम्मल प्रबंध किया गया है। इन प्रयासों से पिछले वर्ष की तुलना में विद्युत दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 31 प्रतिशत से भी अधिक कमी दर्ज की गई है।
तुलनात्मक रूप से 32 आउटसोर्स कर्मियों की जान बचाने में सफलता मिली है। स्पष्ट किया है कि किसी भी आउटसोर्स कर्मी की छंटनी नहीं की गई है।
पॉवर कॉरपोरशन प्रबंधन ने कहा आउटसोर्स कर्मियों की नहीं हुई छंटनी
प्रबंधन ने कुछ संगठनों द्वारा आउटसोर्स कर्मियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने और उनकी छंटनी किए जाने संबंधी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कॉरपोरेशन के निदेशक प्रबंधन एवं प्रशासन डा. जान मथाई ने बताया है कि कार्य का सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए सुरक्षा उपकरणों की खरीद पर 28.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
उपकरणों से सब-स्टेशन आपरेटरों और रखरखाव टीमों को सुरक्षित किया गया है। आउटसोर्स कर्मियों के लिए अनिवार्य सुरक्षा प्रशिक्षण माड्यूल के साथ ही संस्थागत उपायों से विद्युत दुर्घटनाएं रोकने में सफलता मिली है।
तबादलों की तिथि आगे बढ़ाने की मांग
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने भीषण गर्मी में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए स्थानांतरण सत्र 2026-27 की अवधि आगे बढ़ाने की मांग की है। कहा है कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने, विद्युत लाइनों एवं उपकरणों के बेहतर अनुरक्षण तथा विद्युत दोषों को तत्काल ठीक करने के लिए अनुभवी अभियंताओं व कर्मचारियों की तैनाती आवश्यकता है।
जिसे देखते हुए प्रबंधन ने तबादलों के लिए तय समय सीमा 31 मई से बढ़ाकर 15 जुलाई करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। संविदा कर्मचारियों की छंटनी और कार्यमुक्त किए जाने का निर्णय वापस लेने की मांग की है।
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बिजली कार्मिकों पर हमलों पर आरोपियों पर लगे रासुका
राज्य विद्युत परिषद उपभोक्ता संघ ने जनता को निर्बाध बिजली मुहैया कराने में लगे अभियंताओं व अधीनस्थ कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने वालों पर रासुका के तहत कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग सरकार व ऊर्जा प्रबंधन से की है।
संघ के महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा है कि विभागीय कार्य के दौरान अराजक तत्वों द्वारा अभियंताओं व उनके अधीनस्थ कर्मचारियों की टीम के साथ गाली गलौज, मारपीट व जानलेवा हमलों से बिजली कार्मियों में भय व्याप्त हो गया है।
मांग की है कि फील्ड में कार्य कर रहे अभियंताओं को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इसके लिए शासन स्तर से जिलों को निर्देश दिए जाएं। शासन स्तर पर लंबित पावर सेक्टर इम्प्लाइज प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाए।
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