प्रतीक यादव के निधन पर भावुक हुए अखिलेश यादव, कहा- 'परिवार जो कहेगा, वही करेंगे'
अखिलेश यादव प्रतीक यादव के निधन के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और चिकित्सकों से जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दुख व्यक्त किया और परिवार ...और पढ़ें
HighLights
अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पर आधे घंटे रुके।
प्रतीक यादव का 38 वर्ष की आयु में निधन।
फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। प्रतीक यादव की मौत के बाद सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। वह सुबह 9:15 बजे पोस्टमार्टम हाउस के अंदर गए। चिकित्सकों से घटना को लेकर जानकारी ली। लगभग आधे घंटे तक वह पोस्टमार्टम हाउस में रुके।
वह 9 बजकर 55 मिनट पर पोस्टमार्टम हाउस से निकले। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रतीक को मैंने बचपन से देखा है। आज वे हमारे बीच नहीं हैं। यह बेखद दुखद है। वह जीवन में आगे बढ़ना चाहते थे। परिवार जो भी कहेगा हम उनकी बात मानेंगे।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का लखनऊ में 38 साल की उम्र में बुधवार निधन हो गया। प्रतीक ने लखनऊ में अपने आवास, विक्रमादित्य मार्ग पर अंतिम सांस ली।
प्रतीक यादव कुछ समय से फेफड़े की बीमारी से ग्रसित थे। उनके हाथ और सीने पर नीला निशान है। जानकारों के मुताबिक तुरंत चोट लगने पर शरीर पर लाल निशान होता है, पांच से छह घंटे में नीला और उसके बाद काला हो जाता है।
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प्रतीक को आवास से सुबह 6.15 बजे उनके परिवार के सदस्य अस्पताल लाए थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उस समय उनकी पत्नी वहां मौजूद नहीं थीं।
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और अस्पताल के डॉक्टरों का एक पैनल जल्द ही शव का पोस्टमॉर्टम करेगा, ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। शुरुआती जांच में शरीर पर चोट के कोई बाहरी निशान नहीं मिले हैं।
प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके फेफड़ों में खून का थक्का जमने का इलाज चल रहा था। जब सुबह उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देना बंद कर दिया, तो उनके परिवार वाले उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले गए। जब उनकी हालत गंभीर हो गई तो उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।