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अलीगंज अग्निकांड के अवैध भवन की सुनवाई पूरी, आज आएगा फैसला

Updated: Fri, 10 Jul 2026 07:34 AM (IST)

अलीगंज अग्निकांड के अवैध भवन की सुनवाई एलडीए कोर्ट में पूरी हो गई है। भवन मालिक ने अवैध निर्माण हटाने और शमन मानचित्र की मांग की, जबकि एलडीए ने तीसरी मंजिल व अतिरिक्त बेसमेंट को अवैध बताया; कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है।

अलीगंज अग्निकांड की फाइल फोटो। जागरण

अलीगंज अग्निकांड की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. एलडीए कोर्ट में अवैध भवन की सुनवाई पूरी हुई।

  2. मालिक ने अवैध निर्माण हटाने, शमन मानचित्र मांगा।

  3. एलडीए ने तीसरी मंजिल, अतिरिक्त बेसमेंट अवैध बताया।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड के अवैध भवन की गुरुवार को एलडीए कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। भवन मालिक ने अवैध निर्माण स्वयं हटाने और शमन मानचित्र स्वीकृत करने की मांग किया, एलडीए ने तीसरी मंजिल और अतिरिक्त बेसमेंट को अवैध बताया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विहित कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है। शुक्रवार को आदेश जारी किया जाएगा।

अलीगंज अग्निकांड भवन मामले में एलडीए की विहित प्राधिकारी कोर्ट में तीन दिन सुनवाई चली, सुनवाई के दौरान भवन स्वामी की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि भवन में जितना भी अवैध निर्माण है, उसे मालिक स्वयं अपने खर्च पर ध्वस्त कराने को तैयार है। साथ ही नई भवन निर्माण नीति के तहत शमन मानचित्र (कंपाउंडिंग) पास करने की अनुमति देने की मांग की गई।

भवन मालिक के अधिवक्ताओं ने दलील दिया कि भवन में संचालित व्यावसायिक गतिविधियां किराएदार द्वारा की जा रही थीं और उसमें भवन स्वामी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। उन्होंने एलडीए की ओर से जारी नोटिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भवन का कितना हिस्सा अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है।

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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विहित प्राधिकारी अतुल कुमार ने एलडीए के अवर अभियंता (जेई) से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। जेई ने बताया कि भवन का नक्शा केवल बेसमेंट सहित दो मंजिल तक स्वीकृत था, जबकि तीसरी मंजिल पूरी तरह अवैध रूप से बनाई गई।

उन्होंने यह भी बताया कि 20 वर्गमीटर बेसमेंट की अनुमति थी, लेकिन मौके पर करीब 134 वर्गमीटर का बेसमेंट निर्मित मिला। अब शुक्रवार को भवन गिराने का आदेश हो सकता है।