दिल्ली छात्र आंदोलन पर अभिभावक परेशान: बस यहीं चिंता, बेटा कहां हो! आंदोलन में मत जाना
मेधावी छात्र और शिक्षक नीट जैसी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के सरकारी प्रयासों का स्वागत कर रहे हैं, जिससे मेहनती छात्रों का भरोसा बढ़ेगा। ...और पढ़ें

नीट के मेधावी यासिर -स्वयं धीरेंद्र तिवारी
HighLights
लखनऊ के अभिभावक दिल्ली छात्र आंदोलनों से चिंतित हैं।
राजनीतिक हस्तक्षेप से आंदोलनों का पवित्र उद्देश्य धुंधला हो रहा।
नीट परीक्षा में पारदर्शिता का मेधावियों ने किया स्वागत।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। छात्र आंदोलन की आत्मा होती है, एक जायज मांग, युवाओं का आक्रोश और न्याय पाने का जज्बा। लेकिन जब सियासत अपने स्वार्थ के लिए इन आंदोलनों का उपयोग करने लगती है, तो उनका पवित्र उद्देश्य धुंधला हो जाता है। यह स्थिति उन माता-पिता के दिलों में खौफ भर देती है, जिन्होंने अपने बच्चों को बड़े सपनों के साथ दिल्ली भेजा। प्रदेश के कई शहरों से लेकर राजधानी की गलियों तक, हर घर में एक ही चिंता है, खासकर उन परिवारों में जिनके बच्चे दिल्ली में पढ़ाई कर रहे हैं।
संजीव कुमार, जो राजधानी सचिवालय में कार्यरत हैं, ने जब अपने 20 वर्षीय बेटे को फोन किया, तो उनकी आवाज में पिता का डर साफ झलका। उन्होंने कहा, बेटा, जंतर-मंतर पर मत जाना, वहां राजनीति ज्यादा हो रही है। जब तक माहौल शांत नहीं हो जाता, लौट आओ।
यह चिंता बेवजह नहीं है। जब छात्र अपने हक के लिए शांतिपूर्ण आवाज उठाते हैं, तो माता-पिता को गर्व होता है। लेकिन जब आंदोलन राजनीतिक दांव-पेच का शिकार हो जाता है, तो उसमें उग्रता घुलने लगती है। उपद्रवी तत्व छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने लगते हैं।
मेधावियों और शिक्षकों ने किया स्वागत
नीट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले यासीन ने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा हर अभ्यर्थी का अधिकार है। यदि व्यवस्था पारदर्शी होगी तो मेहनत करने वाले छात्रों को सफलता मिलने का भरोसा और मजबूत होगा। इससे नए अभ्यर्थियों में भी सकारात्मक माहौल बनेगा। पिछले कुछ समय से परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों में चिंता थी, लेकिन सुधारात्मक कदमों से विश्वास लौटेगा। समयबद्ध कार्रवाई और स्पष्ट नियमों से प्रतिभाशाली छात्रों को राहत मिलेगी।
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सरकार की यह पहल परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाएगी
शहर के एक कोचिंग संस्थान के संचालक धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाएगी। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और वे बिना किसी संशय के अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान दे सकेंगे।
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शिक्षक डॉ.नरेंद्र कुमार ने कहा कि पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था किसी भी देश की शिक्षा प्रणाली की आधारशिला होती है। सरकार के प्रयासों से योग्य छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय की व्यवस्था लागू होने से नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं की विश्वसनीयता और अधिक मजबूत होगी और लाखों अभ्यर्थियों का भरोसा बढ़ेगा।