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    आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा: बिजनौर के 16 अस्पतालों पर गिरी गाज, 10 को कारण बताओ नोटिस जारी

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 09:25 PM (GMT+05:30)

    बिजनौर में आयुष्मान योजना के तहत अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है, जिसमें 6 अस्पतालों की संबद्धता निलंबित की गई और 10 को कारण बताओ नोटिस जारी किया ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. बिजनौर में आयुष्मान योजना में बड़ी अनियमितताएं मिलीं।

    2. छह अस्पतालों की संबद्धता निलंबित, 10 को नोटिस।

    3. फर्जी मरीज भर्ती कर लाखों के बिल बनाए गए।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। एक परिवार के कई-कई लोगों को मरीज बनाकर अस्पताल में भर्ती दिखाया गया। कुछ को बिना आवश्यकता आइसीयू भर्ती करना दिखाया गया। जिन डाक्टरों की उपलब्धता नहीं हैं, उनको बुलाने का बिल बनाया गया।

    बेड हेड टिकट और इलाज के विरोधाभासी परचे तैयार कर लाखों रुपये के भुगतान का दावा प्रस्तुत किया गया। बिजनौर जिले के 20 अस्पतालों के औचक निरीक्षण में इस तरह का राजफाश हुआ है।

    सबसे ज्यादा गड़बड़ी जिन छह अस्पतालों में मिली हैं, उनका भुगतान रोका गया है। संबद्धता निलंबित करने का नोटिस दिया गया है। जबकि 10 अस्पतालों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। जवाब आने तक इनका भुगतान भी रोक दिया गया है।

    साचीज (राज्य व्यापक स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीइओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट गाइडलाइंस (एसटीजी) तथा गुणवत्ता मानकों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम को बिजनौर भेजा गया था। जिन्होंने 20 योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों का निरीक्षण किया।

    भुगतान पर लगाई रोक

    मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवा, दस्तावेजो, रिकार्ड, क्लेम प्रक्रिया परीक्षण किया गया। जांच में 16 अस्पतालों की गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। इनमें से छह अस्पतालों में व्यापक गड़बड़ियां मिलीं। इनकी संबद्धता निलंबित करने का नोटिस दिया गया है। भुगतान पर रोक लगा दी गयी है।

    10 अस्पतालों को अनियमितताओं के लिए नोटिस जारी किया गया है। अब जुर्माने की गणना की जाएगी, नियमानुसार अब तक के भुगतान का 10 गुना अधिक जुर्माना लगेगा। आडिट एजेंसी को भी नोटिस किया गया है।

    जिला कार्यक्रम समन्वयक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। वर्मा ने कहा कि सूचीबद्ध चिकित्सालय के लिए गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अनुपालन अनिवार्य है। अनदेखी पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। योजना का औचक निरीक्षण जारी रहेगा।

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