Blood Cancer Treatment: ब्लड कैंसर के मरीजों को अब सिर्फ एक गोली से मिलेगा आराम, इलाज पर खर्च भी होगा कम
केजीएमयू के डॉ. एसपी वर्मा ने बताया कि ब्लड कैंसर के इलाज में पिछले एक दशक में काफी सुधार हुआ है। अब मरीजों को कई दवाएं खाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ ए ...और पढ़ें

HighLights
ब्लड कैंसर: एक गोली से इलाज संभव
केजीएमयू: ब्लड कैंसर उपचार में सुधार
सीएमएल: दवाएं अब सस्ती
जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में हिमेटोलाजी विभाग के अध्यक्ष डा. एसपी वर्मा का कहना है कि करीब एक दशक पहले की तुलना में अब ब्लड कैंसर के उपचार में काफी बदलाव आया है। अब मरीज को अधिक दवाएं खाने की जरूरत नहीं हैं। सिर्फ एक दवा से ब्लड कैंसर का रोगी सामान्य जीवन जी सकेगा। वह मंगलवार को केजीएमयू के ब्राउन हाल में इंडियन सोसाइटी आफ हिमेटोलाजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन (आइएसएचबीटी) के 66वें वार्षिक सम्मेलन की प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
डा. एसपी वर्मा ने बताया कि ब्लड कैंसर के इलाज में अब अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। आधुनिक जांचें और नई दवाओं ने उपचार आसान किया है। ब्लड कैंसर का रोगी अब बीपी और डायबिटीज की तरह एक दवा लेकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सकता है। डा. वर्मा के मुताबिक, क्रानिक माइलायड ल्यूकेमिया (सीएमएस) या क्रानिक माइलोजेनस ल्यूकेमिया की दवाएं बहुत दाम में बाजार में उपलब्ध हैं।
पहले जहां एक माह में चार-पांच हजार तक खर्च आता था, उसके इलाज पर अब लगभग डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह माह लगता है। क्रानिक माइलायड ल्यूकेमिया कैंसर एक प्रकार का रक्त व अस्थि मज्जा कैंसर है, जो धीरे-धीरे विकसित होता है और अस्थि मज्जा में अत्यधिक मात्रा में श्वेत रक्त कोशिकाएं (ग्रैनुलोसाइट्स) बनने के कारण होता है। यह आमतौर पर धीमी गति से बढ़ता है और इसका इलाज संभव है, जिसके कारण मरीज सामान्य जीवन जी पाते हैं। उपचार के बाद लक्षणों में कमी आ सकती है या पिछले कुछ वर्षों में नई दवाओं ने ऐसे मरीजों को बड़ी राहत दी है।
कल से शुरू होगा चार दिवसी नेशनल कान्फ्रेंस
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार, आइएसएचबीटी का 66वां कान्फ्रेंस गुरुवार से शुरू होगा, जो नौ नवंबर तक चलेगा। इसका आयोजन कानपुर रोड के एक होटल में किया जा रहा है, जिसमें केजीएमयू, एसजीपीजीआइ और लोहिया समेत देशभर से विशेषज्ञ डाक्टर अपना अनुभव साझा करेंगे।