विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

खत्म हो गर्भवती महिलाओं का भटकाव, एक ही स्थान पर मिले योजनाओं का लाभ और इलाज : डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

Published: Wed, 02 Sep 2026 10:57 PM (IST)

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सुमन रोडमैप-2030 कार्यशाला में कहा कि गर्भवती महिलाओं को योजनाओं के लाभ और इलाज के लिए ...और पढ़ें

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।

HighLights

  1. गर्भवती महिलाओं को एक ही स्थान पर मिलें सभी स्वास्थ्य सेवाएं।

  2. मातृ एवं नवजात मृत्यु दर कम करने पर जोर दिया।

  3. स्वास्थ्य सेवाओं में देरी के विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित करें।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाये जाएं। उन्होंने कहा कि सुमन रोडमैप-2030 में ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया जाए, जिसमें गर्भवती को अलग-अलग योजना के लाभ के लिए भटकना न पड़े। उन्हें एकीकृत व एक स्थान पर निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

बुधवार को लखनऊ में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से आयोजित ‘सुमन रोडमैप-2030’ की कार्यशाला को संबोधित करते हुए पाठक ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य नेतृत्व का एक साथ आना मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास है। सुरक्षित प्रसव के साथ गर्भावस्था के दौरान उचित देखभाल, मां और नवजात की निगरानी तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जरूरी है।

स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में होने वाली देरी के विश्लेषण पर जोर

प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पाठक ने कहा कि तकनीक और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का बेहतर इस्तेमाल कर समय पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी। सुमन रोडमैप में गर्भावस्था के दौरान जोखिम की पहचान और स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में होने वाली देरी के विश्लेषण पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, नर्स, चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था की अहम कड़ी हैं। मातृ स्वास्थ्य में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ परिवार नियोजन, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायतों और समुदाय की भागीदारी जरूरी है। ऐसी व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया जाए, जिसमें गर्भवती महिलाओं को अलग-अलग योजनाओं के लिए भटकना न पड़े।

यह भी पढ़ें- वैश्विक मंच पर यूपी के MSME: जर्मनी के साथ हुआ एमओयू, 20 स्टार्टअप्स की होगी यूरोपीय बाजार में एंट्री

उन्होंने राज्यों से अनुभव साझा कर सुमन रोडमैप-2030 को स्थानीय जरूरतों के अनुसार प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया। कार्यशाला में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक आराधना पटनायक, संयुक्त सचिव (आरसीएच) मीरा श्रीवास्तव, राज्य के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष, सचिव रितु माहेश्वरी, मिशन निदेशक डा. पिंकी जोवल सहित विभिन्न राज्यों के अधिकारी मौजूद रहे।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।