वैश्विक मंच पर यूपी के MSME: जर्मनी के साथ हुआ एमओयू, 20 स्टार्टअप्स की होगी यूरोपीय बाजार में एंट्री
उत्तर प्रदेश ने फ्रैंकफर्ट के साथ रणनीतिक साझेदारी के तहत 'इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम' के लिए एमओयू किया है। यह समझौता ...और पढ़ें

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HighLights
यूपी ने 'इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम' हेतु एमओयू किया।
20 एमएसएमई, स्टार्टअप्स को यूरोपीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी।
निर्यात, निवेश, तकनीकी हस्तांतरण को मिलेगी नई मजबूती।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को एक वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए 'इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम' के तहत जर्मन इंडियन बिजनेस एलायंस (जीबा) और इनोवेशन हब राइनमाइन के साथ इन्वेस्ट यूपी व उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया।
इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के 20 प्रमुख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और स्टार्टअप्स को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ उनके कार्यालय में भेंट की। इस दौरान पिछली 23 फरवरी को उपमुख्यमंत्री के जर्मनी दौरे के दौरान इन्वेस्ट यूपी और जीबा के बीच किए गए एमओयू पर भी चर्चा की गई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य के निर्यात, औद्योगिक निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को नई मजबूती प्रदान करेगी।
प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में अवसरों पर हुई चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा के साथ भी बैठक की। इस बैठक में जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्र में अवसरों पर चर्चा की। वहीं, एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी के साथ हुई बैठक में उन्होंने राज्य के लाजिस्टिक्स नेटवर्क, निवेश प्रोत्साहनों और एमएसएमई नीति-2022 की प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जर्मनी के निवेशकों को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के विशेष सचिव निखिल टीकाराम फुंडे से भी प्रतिनिधि मंडल ने भेंट की।
दूसरी तरफ इन्वेस्ट यूपी के कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव शशि लाल भूषण ने कहा कि यह वर्ष भारत-जर्मनी संबंधों के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम के तहत 20 चयनित उद्यमों का एक समूह बनाया जाएगा। इसमें उद्यम मूल्यांकन, बाजार प्रवेश से पूर्व तैयारी, जर्मन बाजार का सत्यापन, बाजार में स्थापना और प्रवेश के बाद सहयोग शामिल होगा।
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जर्मनी के राउनहाइम के मेयर डेविड रेंडेल ने संस्थागत ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राइनमाइन जर्मनी में लैंडिंग प्लेटफार्म की भूमिका निभाएगा और जीबा उद्योग जगत के साथ समन्वय करेगा। इन्वेस्ट यूपी सरकारी सहयोग तथा निवेशक सहायता प्रदान करेगा। प्रतिनिधिमंडल में राइनमाइन के सीईओ स्टीफन विटेकिंड, जीबा के सीईओ निर्मल रमन कन्नैयन और अध्यक्ष सेल्वाकुमार पेरियासामी शामिल थे।
