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    रिश्वतखोरी में सीबीआई ने सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी सहित सात के विरुद्ध दर्ज किया मुकदमा

    By Manoj Kumar Tripathi Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Thu, 01 Jan 2026 08:57 PM (IST)

    CBI Raid:  डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी आठ दिनों से कारोबारियों से रिश्वत लेने की डील कर रही थीं, लेकिन सीबीआई की सक्रियता की वजह से पकड़ी गई। ...और पढ़ें

    झांसी में तैनात केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी

    झांसी में तैनात केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी 

    HighLights

    1. आठ दिन से चल रही थी डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत की डील

    2. प्रभा भंडारी दलालों के जरिए कारोबारियों से लेती थी रिश्वत

    राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊः झांसी में तैनात केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी दलालों के माध्यम से रिश्वत लेती थी।

    सीबीआई ने कारोबारियों से रिश्वत लेकर सरकार को करोड़ों रुपये के टैक्स का चूना लगाने के मामले में डिप्टी कमिश्नर सहित सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। डिप्टी कमिश्नर आठ दिनों कारोबारियों से रिश्वत लेने की डील कर रही थीं, लेकिन सीबीआई की सक्रियता की वजह से पकड़ी गई।

    सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डिप्टी कमिश्नर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी मामले में कारोबारी को राहत देने के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांग रही थीं, उन्हें 30 लाख रुपये दिए जा चुके थे।

    यह राशि डिप्टी कमिश्नर ने सीजीएसटी विभाग झांसी में तैनात सुपरवाइजर अनिल कुमार तिवारी व अजय शर्मा के जरिए ली थी, जबकि रिश्वतखोरी के लिए सीजीएसटी के वकील नरेश कुमार गुप्ता ने दोनों सुपरवाइजरों से उनके घर पर कारोबारियों की मुलाकात कराई थी।

    सीबीआई ने इस मामले में आइआरएस अधिकारी व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी, सुपरवाइजर अनिल कुमार तिवारी व अजय शर्मा, एडवोकेट नरेश कुमार गुप्ता, जय अंबे प्लाईवुड के संचालक लोकेश तोलानी, जय दुर्गा हार्डवेयर के संचालक राजू मंगतानी व तेजपाल मंगतानी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

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    सीजीएसटी की टीम ने आठ दिन पहले झांसी में जय दुर्गा हार्डवेयर सेंटर में छापा मारा था। उसके संबंध में ही डेढ़ करोड़ रुपये घूस की मांग की गई थी। उसके बाद से लगातार मामले को दबाने के लिए अफसरों और कारोबारी के बीच डील चल रही थी। डिप्टी कमिश्नर ने डेढ़ करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन 70 लाख रुपये पर डील फाइनल हुई थी।

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    सीबीआई ने फिलहाल इस मामले में सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 1.60 करोड़ रुपये से ज्यादा की नगदी और ज्वैलरी बरामद की गई थी। सीबीआइ की टीमें इनसे अभी तक कितने मामलों में कितनी रिश्वत ली है, इसकी जानकारी उगलवाने की कोशिश कर रही हैं।