विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सपा के आजम खां को गृह मंत्री बनाने के प्रस्ताव पर CM योगी आदित्यनाथ का तंज, बोले- दंगे करवाना चाहती है यह पार्टी

Published: Fri, 14 Aug 2026 04:11 PM (IST)

CM Yogi Adityanath: शिवपाल यादव ने रामपुर में आजम खां खान से मुलाकात के बाद कहा था, सपा सरकार बनने ...और पढ़ें

लोक भवन में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लोक भवन में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 

HighLights

  1. विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित

  2. सीएम योगी आदित्यनाथ का शिवपाल के बयान पर पलटवार

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक भवन में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री लखनऊ में भाजपा की सरदार पटेल प्रतिमा से लोकभवन तक मौनव्रत पदयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ मास्क लगाकर पैदल चले।

लोक भवन में अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सपा नेता आजम खान का बिना नाम लिए शिवपाल यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी देश की आजादी और भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के नाम पर रामपुर में विश्वविद्यालय बनाने वाले व्यक्ति की पैरोकार बन रही है। सपा कह रही है कि हम उत्तर प्रदेश की सत्ता में आएंगे तो उसको गृहमंत्री बनाएंगे। ये लोग प्रदेश में फिर दंगा करवाना चाहते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिसने मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दंगाइयों को तत्कालीन सीएम आवास पर लाकर सम्मानित करवाया था, ऐसे व्यक्ति के समर्थन में ये लोग इस तरह की दलीलें दे रहे हैं। इनकी शर्मनाक सोच को देखिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश के साथ विश्वासघात किया। 1947 में वे मौन थे और किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते थे। उनकी आज भी यही मंशा है।

सत्ता के लिए सनातन राष्ट्र के टुकड़े

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश विभाजन की भीषण त्रासदी के स्मृति दिवस के साथ जुड़ा है। यह विश्व मानवता के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। करोड़ों हिंदुओं को अपनी ही मातृभूमि, जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा था। लाखों की संख्या में हिंदू, बौद्ध, सिख, जैनों का कत्लेआम हुआ था। किसी भी स्तर पर कोई सुनवाई नहीं थी। सत्ता प्राप्त करने की लिप्सा इस हद तक थी कि एक सनातन राष्ट्र के टुकड़े कर दिए गए। यह दिवस इतिहास के उन काले अध्यायों से हमें बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा भी प्रदान कर रहा है, क्योंकि केवल उसका स्मरण भर करने से इस समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। यह समस्या क्यों पैदा हुई, किन लोगों के कारण पैदा हुई, इसके कितने दोषियों को सजा दी गई और आखिर कब तक यह हिंदुस्तान इसकी कीमत चुकाता रहेगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सवाल आज भी हमारे सामने है, इसलिए इतिहास सिर्फ परीक्षा में पढ़ने वाला विषय नहीं है। यह हमें अपने गौरवशाली अतीत पर गर्व करने और पुरानी गलतियों से सीखकर उन्हें सुधारने का मौका भी देता है। स्मृति दिवस मनाने के पीछे प्रधानमंत्री जी की यही सोच है। जो लोग 1947 में चुप थे और उनकी नजर सिर्फ सत्ता पाने पर थी, वे आज भी उसी सोच पर चल रहे हैं। देश की कीमत पर सत्ता हासिल करना ही उनका मकसद रहा है।

उन्होंने कहा कि आपने बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम देखा होगा, ये दल तब भी मौन थे। इन्हें डर था कि बोलने से उनका वोटबैंक नाराज हो सकता है। वे अपने स्वार्थ के लिए सत्ता को निजी संपत्ति और पारिवारिक विरासत मानते हैं। इसी सोच के कारण देश के साथ धोखा करते हैं और अराजकता और अव्यवस्था फैलाते हैं।

देश के गुलाम होने के दो बड़े कारण

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के गुलाम होने के दो बड़े कारण थे। पहला, आपसी मतभेद और दूसरा, जाति-क्षेत्र के आधार पर बंटवारा। इन मतभेदों के साथ साजिशें भी होती रहीं और साजिश करने वाले सफल हुए। नतीजा यह हुआ कि देश गुलाम हो गया। हम एकजुट होकर लड़ नहीं पाए। लोगों को लगता था कि हमला किसी दूसरे पर हो रहा है, मैं क्यों बोलूं। इसका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ा। सनातन काल से एक रहे भारत के भी टुकड़े कर दिए गए।

यूपी में दंगे करवाने के प्रयास

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मैं भौचक था, जब प्रधानमंत्री नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) लेकर आए। एक्ट का विरोध करने का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन एक्ट का प्रावधान था कि अगर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से हिंदू, जैन, बौद्ध, पारसी या ईसाई निकाला गया है और उसे भारत में रहते हुए पांच वर्ष हो गए हैं, तो हम उसे नागरिकता देंगे। इसमें कहीं भी मुसलमान, कांग्रेस या समाजवादी पार्टी की जमीन लेने की बात नहीं कही गई थी, लेकिन इसको लेकर देश में आंदोलन करने के प्रयास हुए। लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में जगह-जगह दंगे करने के प्रयास हुए।

उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार

उन्होंने कहा कि इस दौरान कृपा थी कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार थी। मैं ये नहीं समझ पा रहा था कि ये लोग विरोध क्यों कर रहे थे। आखिर विरोध का कारण क्या है। उस विरोध को सपा और कांग्रेस पीछे से समर्थन दे रहे थे। 1947 के विभाजन के ये लोग वास्तविक दोषी हैं। अगर उस समय नरेंद्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री होता, तो भारत का कोई बाल बांका नहीं कर पाता।

यह भी पढ़ें- 'सत्ता पाने के लिए कांग्रेस ने 1947 में देश का कर दिया विभाजन', बंटवारे पर सीएम योगी का दर्द

यह भी पढ़ें- 'सत्ता के लिए देश बांटने वालों की सोच आज भी नहीं बदली', विभाजन को लेकर CM योगी ने विपक्ष को घेरा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।