'मौसम की अनिश्चतता के हिसाब से करें खरीफ की तैयारी', CM योगी ने दिए बीमा कवरेज बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अल नीनो के प्रभाव और मौसम की अनिश्चितता के मद्देनजर कृषि व संबंधित विभागों को खरीफ की तैयारी के निर्देश दिए हैं। उन्होंन ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
HighLights
CM योगी ने अल नीनो के प्रभाव पर तैयारी के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कवरेज बढ़ाने पर जोर दिया गया।
किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई उपलब्ध कराने के निर्देश।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। अल नीनो के प्रभाव की आशंकाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि और अन्य संबंधित विभागों को मौसम की अनिश्चितता और वर्षा के बदलते स्वरूप के हिसाब के चलते हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
कृषि विभाग ने इसके लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। आवश्यकता पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल तथा अन्य कम अवधि वाली फसलों के आच्छादन को बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खरीफ अभियान के तहत मिशन मोड में काम करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का कवरेज बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर बीज, उर्वरक, सिंचाई जल, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण और वैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराया जाए। बैठक में बताया गया कि खरीफ के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर आच्छादन का लक्ष्य है। धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख टन और कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख टन रखा गया है। इस बार अनुदान पर 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है।
1.77 लाख क्विंटल बीज कराया जा चुका उपलब्ध
इसमें से 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोआई और 4.06 लाख हेक्टेयर में धान नर्सरी का आच्छादन हो चुका है। किसानों को संदेश सेवा, आकाशवाणी, दूरदर्शन व अन्य माध्यमों से कृषि संबंधी तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकाधिक किसानों को ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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हर जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। उर्वरकों की उपलब्धता की नियमित निगरानी की जाए। कृत्रिम कमी, कालाबाजारी की शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाए। उद्यान विभाग द्वारा बताया गया कि सूखा प्रबंधन की रणनीति के तहत 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सिंचाई विभाग को दिया निर्देश
मुख्यमंत्री ने सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिया कि नहर प्रणाली का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए और अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाया जाए। प्रत्येक ब्लाक एवं तहसील स्तर पर सिंचाई संसाधनों तथा कृषि आवश्यकताओं का आकलन किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।
पशुपालन विभाग को संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारा, पानी और चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, पंचायती राज विभाग को ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों के संरक्षण, हैंडपंपों के अनुरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन व जनजागरूकता कार्यक्रमों को अभियान के रूप में संचालित करने के लिए निर्देशित किया।