Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    CM योगी बोले- चिकित्सा शिक्षकों व स्टाफ नर्सों को मिलेंगे नियुक्ति पत्र, डेंगू पीड़ितों के ल‍िए द‍िए न‍िर्देश

    By Jagran NewsEdited By: Prabhapunj Mishra
    Updated: Wed, 18 Oct 2023 04:30 PM (IST)

    मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने आज समीक्ष बैठक में जरूरी द‍िशा न‍िर्देश जारी क‍िये। डेंगू पीड़ित हर मरीज को समय से इलाज म‍िलने के साथ सतर्कता-सावधानी ...और पढ़ें

    Lucknow News: मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की समीक्षा बैठक
    Lucknow News: मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की समीक्षा बैठक

    जेएनएन, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन, निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों की स्थिति और डेंगू की रोकथाम के लिए किए ना रहे प्रयासों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बता दें क‍ि हाल के दिनों में डेंगू के मामलों में वृद्धि देखी गई है। मुरादाबाद, कानपुर नगर, लखनऊ और गौतमबुद्ध नगर में डेंगू का प्रकोप बढ़ा है। सीएम ने न‍िर्देश देते हुए कहा क‍ि यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी हॉटस्पॉट की स्थिति न बनने पाए।

    अस्पतालों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था कराई जाए। गांव हो या कि शहर कहीं भी एक भी संक्रमित मरीज इलाज के अभाव में परेशान न हो। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों/मेडिकल कॉलेजों में नए रोगियों की नियमित रिपोर्टिंग जरूर हो।

    जनपदों में आउटब्रेक्स की स्थिति पर नियंत्रण हेतु ठोस प्रयास किये जाने आवश्यक है। नगर विकास, ग्राम विकास एवं पंचायती राज विभाग मच्छरों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु फॉगिंग एवं लार्वीसाइडल स्प्रे कराई जाए। सुबह सैनीटाइज़ेशन व शाम को फॉगिंग का कार्य निरंतरता के साथ कराएं। जल भराव का निस्तारण कराएं।

    प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन अयोग्य योजना के लिए पात्र हर परिवार का आयुष्मान कार्ड जरूर बनाया जाए। इस संबंध में वर्तमान में संचालित अभियान के तहत उत्तर प्रदेश में अच्छा कार्य हो रहा है। अब तक 191.9 लाख परिवार इन योजनाओं से आच्छादित होकर पांच लाख वार्षिक के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा सुविधा से लाभान्वित हो रहे हैं। योजना के बारे में आमजन के बीच जागरूकता भी बढ़ाई जाए।

    खबरें और भी

    असेवित जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए राज्य सरकार ने पीपीपी मोड की नीति अपनाई है। इसके तहत शामली, मऊ, महराजगंज और संभल में कार्य प्रारंभ हो चुका है। जबकि बागपत, मैनपुरी, कासगंज, महोबा, हमीरपुर और हाथरस के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग के तहत भारत सरकार से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। सभी जगह शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किए जाएं।

    विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में चयनित 293 शिक्षकों और 1950 से अधिक स्टाफ नर्सों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर यथोचित तैनाती सुनिश्चित करें। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में आचार्य, सह आचार्य और सहायक आचार्य के रिक्त पदों पर यथाशीघ्र योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए।

    फेज-3 के अंतर्गत निर्माणाधीन बुलंदशहर, लखीमपुर खीरी, गोंडा, औरैया, ललितपुर, सोनभद्र, कानपुर देहात, पीलीभीत, बिजनौर, चंदौली, कौशाम्बी, कुशीनगर, सुल्तानपुर व अमेठी मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए।

    यह भी पढ़ें: CM Yogi Hathras Visit: सीएम के स्वागत के लिए तैयार हाथरस, हजारों जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात; इन रूटों से बचें

    यह भी पढ़ें: Deoria Murder Case: नरसंहार के बाद प्रशासन हुआ सख्त, अब तक नौ लोगों के असलहे का लाइसेंस निरस्त; इन पर हुई कार्रवाई