यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हमीरपुर के चकबंदी लेखपाल और कनिष्ठ सहायक निलंबित, एफआईआर होगी दर्ज, सीएम योगी ने जताई थी नाराजगी
UP News - सोशल मीडिया पर वायरल रिश्वत के लेनदेन वाले वीडियो के मामले में हमीरपुर में चकबंदी लेखपाल और कनिष्ठ सहायक को सीएम योगी के निर्देश पर निलंबित ...और पढ़ें

HighLights
- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था रिश्वत लेन-देन का वीडियो
- मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई, बंदोबस्त अधिकारी कार्यालय से संबद्ध
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने हमीरपुर में रिश्वत लेनदेन के मामले में चकबंदी लेखपाल और कनिष्ठ सहायक को रविवार को निलंबित कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
दोनों को निलंबन के साथ ही बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। इनके खिलाफ विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
वायरल हुआ था वीडियो
चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि हमीरपुर में तैनात चकबंदी लेखपाल प्रखर चौधरी एवं कनिष्ठ सहायक प्रशांत पांडेय द्वारा रिश्वत लेन-देन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था।
इसका संज्ञान लेते हुए मामले की जांच सहायक चकबंदी अधिकारी खालिद अंजुम से कराई गई। उन्होंने प्रथम दृष्टया दोनों को दोषी पाया और अपनी रिपोर्ट बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी हमीरपुर को सौंपी।
बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी ने दोनों को निलंबित करते हुए विभागीय और अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की। इस मामले में चकबंदी अधिकारी विमल कुमार एवं जेके पुष्कर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। अपर चकबंदी आयुक्त अनुराग पटेल ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।