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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    यूपी में महंगी हो जाएगी ब‍िजली? चोरी और घाटे का बोझ उपभोक्ताओं पर डालने की तैयारी में आयोग

    By Jagran NewsEdited By: Vrinda Srivastava
    Updated: Sun, 19 Jan 2025 09:07 AM (IST)

    यूपी विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रस्तावित मल्टी ईयर टैरिफ वितरण रेगुलेशन-2025 का उपभोक्ताओं ने विरोध जताया। परिषद ने कहा कि बिजली चोरी सहित कामर्शियल ...और पढ़ें

    यूपी में महंगा हो जाएगा ब‍िजली का ब‍िल।
    यूपी में महंगा हो जाएगा ब‍िजली का ब‍िल।

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यूपी विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रस्तावित मल्टी ईयर टैरिफ वितरण रेगुलेशन-2025 का उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन रायशुमारी में विरोध जताया। टैरिफ प्रस्ताव का विरोध कर रही उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने शनिवार को यह रायशुमारी कराई।

    परिषद ने कहा कि बिजली चोरी सहित कामर्शियल लाइन लॉस व बिजली कंपनियों की अक्षमता का खामियाजा प्रदेश के उपभोक्ता नहीं भुगतेंगे। इसके विरोध में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि नियामक आयोग मल्टी ईयर टैरिफ वितरण रेगुलेशन के आधार पर बिजली की दरें तय करता है।

    पांच वर्ष का रेगुलेशन तय करने जा रहा आयोग

    आयोग अब अगले पांच वर्ष का रेगुलेशन तय करने जा रहा है। उप्र में बिजली चोरी करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं को पावर कारपोरेशन 65 प्रतिशत तक चोरी के राजस्व निर्धारण में छूट देता है। पिछले वर्षों में लगभग 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की माफी दी गई। अब विद्युत नियामक आयोग द्वारा एक तरफा रेगुलेशन (कानून) प्रस्तावित किया जा रहा है।

    चोरी का खामियाजा नहीं भुगतेंगे बिजली उपभोक्ता

    प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर अभी तक जो 33,122 करोड़ रुपये सरप्लस निकला है, आने वाले वर्षों में उपभोक्ताओं को उसकी वापसी कैसे दी जाएगी, इसका प्रस्तावित कानून में जिक्र तक नहीं किया गया है। आयोग ने स्वत: वर्ष 2024-25 के बिजली दर के आदेश में स्पष्ट लिखा है कि बिजली चोरी व अन्य अक्षमता का खामियाजा बिजली उपभोक्ता नहीं भुगतेंगे, अब यह राय बदल ली गई है।

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    इन लोगों ने की कानून की कड़ी न‍िंदा

    इससे लगता है कि आयोग केवल बिजली कंपनियों के हित को देख रहा है। मामले में उपभोक्ता परिषद की रायशुमारी में फिरोजाबाद से उपभोक्ता हरेंद्र कुमार, मथुरा से प्रदीप सिंह बिष्ट व शिवम मिश्रा, नोएडा से विनोद कुमार गुप्ता, प्रतापगढ़ से अनुराग माही, बलिया से संदीप कुमार गुप्ता व विनय कुमार सहित अन्य जनपदों के उपभोक्ताओं ने एक स्वर में विद्युत नियामक आयोग के प्रस्तावित कानून की निंदा की।

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    बिजली कार्मिकों के यहां 31 दिसंबर तक लगाएं मीटर

    प्रस्तावित रेगुलेशन में सभी बिजलीकार्मिकों के कनेक्शन में 31 दिसंबर तक मीटर लगाने के लिए भी कहा गया है। वैसे तो विद्युत नियामक आयोग पिछले एक दशक से बिजलीकार्मिकों व पेंशनर्स के यहां मीटर लगाने को कह रहा है लेकिन आज भी सभी के यहां मीटर नहीं लगे हैं। आयोग बिजलीकार्मिकों के लिए अलग बिजली दरों की श्रेणी को समाप्त कर चुका है। टैरिफ ऑर्डर में अब इनके कनेक्शन घरेलू माने जाते हैं।

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