लखनऊ में फर्जी दस्तावेजों से फास्टैग बनाने वाले 2 आरोपित गिरफ्तार: चालान से बचने के लिए करते थे खेल
एसटीएफ ने लखनऊ में दो आरोपियों, अनंत राम और नकीब खान को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेजों का उपयोग करके नकली फास्टैग बनाते थे। ये लो ...और पढ़ें

HighLights
एसटीएफ ने लखनऊ में दो फास्टैग जालसाजों को पकड़ा।
फर्जी नंबर प्लेट और दस्तावेजों से बनाते थे नकली फास्टैग।
ऑनलाइन चालान से बचने के लिए करते थे इनका उपयोग।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। एसटीएफ की टीम ने दो ऐसे आरोपितों को गिरफ्तार किया है जो आनलाइन चालान से बचने के लिए वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते। इन्हीं नंबर प्लेट और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फास्टैग बना देते थे। आरोपितों की पहचान सीतापुर के खैराबाद स्थित नेवादा बरुआ निवासी अनंत राम और टकपुरवा निवासी नकीब खान के रूप में हुई है। नकीब पहले पंचर की दुकान चलाता था। 2022 से वह फर्जी फास्टैग बनाने लगा।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक सत्यसेन यादव ने बताया कि वाहन में फर्जी फास्टैग इस्तेमाल करने वाले रियाज और उसके भाई सिराज को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि सिराज ने अपने परिचित सीतापुर के खैराबाद टोल प्लाजा पर इंडसइंड बैंक के चैनल पार्टनर अनंत राम और व एजेंट नकीब खान की मदद से अपना ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल नंबर और फर्जी आरसी देकर फर्जी फास्टैग बनवाया था।
अनंत राम की मदद से नकीब इंडसइंड बैंक का बना एजेंट
मुखबिर की सूचना पर अनंत राम और नकीब को पालीटेक्निक चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में नकीब ने बताया कि खैराबाद टोल प्लाजा के पहले उसकी पंचर की दुकान थी। पास में ही मनीष, प्रशांत, कामरान फास्टैग बनाते थे। 2022 में अनंत राम से उसकी मुलाकात हुई और उसी ने फास्टैग बनाने का काम करने को कहा। अनंत राम की मदद से नकीब इंडसइंड बैंक का एजेंट बन गया। शुरुआत में अनंत राम ने ही फास्टैग बनाकर नकीब को दिए।
2024 में सिराज अपने परिचितों के साथ नकीब से मिला और अधिक रुपयों का लालच देकर फर्जी फास्टैग बनाने को कहा। अनंत राम ने नकीब को इसका तरीका बताया। नकीब ने फर्जी फास्टैग बना दिया और बदले में पांच हजार रुपये मिले।
रुपये कमाने के चक्कर में कई वाहनों के फर्जी फास्टैग बनाकर जारी कर दिए। फिलहाल एसटीएफ ने नकीब और अनंत राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दोनों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और चार हजार रुपये भी मिले हैं। गिरोह में शामिल अन्य का पता लगाया जा रहा है।