गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थापित किया जा रहा औद्योगिक गलियारा, जिलों में इंडस्ट्री लगाने के लिए भूखंडों का आवंटन शुरू
Ganga Expressway: इसका संचालन शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज और इनके बीच के 12 जिलों की कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा। ...और पढ़ें

HighLights
लोकार्पण से पहले छह जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना का काम तेज
मेरठ में सबसे महंगी दर पर मिल रहे भूखंड तो हरदोई में सबसे कम दर
छह आइएमएलसी में निवेश के लिए यूपीडा ने आनलाइन मांगे आवेदन
मनोज त्रिपाठी, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसव पर योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ा औद्योगिक गलियारा स्थापित करने जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई में लोकार्पण करेंगे।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले इसके किनारे स्थापित किए जा रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लाजिस्टिक क्लस्टर (आइएमएलसी) में भूखंडों का आवंटन शुरू कर दिया है। यूपीडा ने इसके लिए आनलाइन आवेदन मांगे हैं।
यह आवेदन मेरठ, उन्नाव, बदायूं, संभल, हरदोई, शाहजहांपुर में स्थापित किए जा रहे आइएमएलसी के लिए मांगे गए हैं। आइएमएलसी के लिए मेरठ में 529 एकड़, उन्नाव में 333, बदायूं में 269, संभल में 591, हरदोई में 335 व शाहजहांपुर में 252 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है। मेरठ में भूखंड की दर सबसे ज्यादा और हरदोई में सबसे कम दर निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्ष यूपीडा को निर्देश दिए थे कि राज्य की बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ आम नागरिकों के साथ-साथ निवेशकों को भी दिया जाए। उन्होंने इसके लिए राज्य के सभी एक्सप्रेसवे के किनारे 27 आइएमएलसी स्थापित करने की योजना पर काम शुरू करने के निर्देश दिए थे।
इसके बादा यूपीडा ने 27 जिलों में एक्सप्रेसवे के किनारे भूमि का अधिग्रहण कर आइएमएलसी स्थापित करने कार्य शुरू किया है। इसी सिलसिले में राज्य के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे 12 आइएमएलसी स्थापित किए जा रहे हैं। 36230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू होने के बाद मेरठ से प्रयागराज और इनके बीच के 12 जिलों की कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा।
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मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ व प्रयागराज में स्थापित किए जा रहे आइएमएलसी में यूपीडा द्वारा सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन आइएमएलसी की स्थापना के बाद होने वाले निवेश से 10 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
फिलहाल यूपीडा ने मेरठ, उन्नाव, बदायूं, संभल, हरदोई व शाहजहांपुर में आइएमएलसी में निवेशकों से निवेश के आवेदन मांगे हैं। यूपीडी की कोशिश है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस के उद्घाटन से पहले तैयार हो चुके छह आइएमएलसी में ज्यादा से ज्यादा भूखंडों का आवंटन कर दिया जाए।
मेरठ में निर्धारित की गई सबसे ज्यादा दर
आइएमएलसी कुल औद्योगिक क्षेत्र(एकड़ में) भूखंडों की दर (वर्ग मीटर में)
मेरठ 529 11,147 रुपये
उन्नाव 333 5250 रुपये
बदायूं 269 5200 रुपये
संभल 591 5000 रुपये
हरदोई 335 3800 रुपये
शाहजहांपुर 252 4400 रुपये