यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jeeva Murder: जीवा के शूटर विजय ने पुलिस से कहा- मेरे मन में जो आया मैंने किया, आप लोगों को जा करना हो कीजिए
Jeeva Murder Case गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के हत्यारोपित विजय यादव ने पुलिस कस्टडी रिमांड में अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसे हत्या ...और पढ़ें

लखनऊ, जागरण संवाददाता। गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा के हत्यारोपित विजय यादव से तीन दिन पुलिस ने लंबी पूछताछ की। विवेचक और एसआइटी के अलावा अलग अलग टीम ने बयान लिए, लेकिन हत्या का कारण नहीं पता कर सके। पूछताछ में विजय ने बताया है कि उसे हत्या के लिए पांच लाख रुपये एडवांस मिले थे। लखनऊ में एक अंजान आदमी मिला, जिसने उसे असलहा सौंपा। इसके बाद उसे एक शौचालय में लेकर गया और वकील की वेशभूषा में तैयार करवाया और चला गया।
खास बात ये है कि हत्या के 11 दिन बाद पुलिस साजिशकर्ता तो दूर उस अंजान आदमी के बारे में भी पता नहीं लगा सकी है। पांच लाख रुपये क्या किए? इस सवाल के जवाब में आरोपित ने कहा उसने रकम खर्च कर दी। कम समय में पांच लाख रुपये विजय ने कहां खर्च किए, इसपर उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
विजय यादव से शनिवार को फिर से अफसरों ने पूछताछ की। आरोपित सिरफिरों की तरह पुलिस के सवालों का जवाब देता रहा। आरोपित ने कहा कि मैं बचपन से ही ऐसा था। अपने हाथ से सांप तो कभी बिच्छू पकड़ लेता था। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि मेरे साथ क्या होगा। न ही मेरे घरवालों के साथ कुछ होने पर मुझे फर्क पड़ेगा। मेरे मन में जो आया मैंने किया। आप लोगों को जा करना हो कीजिए।
आरोपित ने पुलिस के किसी सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। ऐसा लग रहा है कि विजय को पहले से सिखाया गया था कि उसे क्या बयान देना है। यही वजह है कि वह रटा रटाया बयान ही दे रहा है। पुलिस ने मनोवैज्ञानिक ढंग से भी उसे तोड़ने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड शनिवार को समाप्त हो गई।
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इसके बाद कड़ी सुरक्षा में आरोपित को गोसाईगंज स्थित जेल में दाखिल कर दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर जेल में भी विजय पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। विजय को हाईसिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। एसआइटी की निगरानी में विवेचना हत्याकांड की विवेचना अब एसआइटी की निगरानी में होगी। एसआइटी को शासन ने एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था, जिसकी अवधि समाप्त हो गई है।
शासन की ओर से एसआइटी को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया गया है। अब 22 जून को एसआइटी रिपोर्ट देगी। एसआइटी कचहरी में सुरक्षा में चूक की दिशा में जांच कर रही है। जीवा हत्याकांड के बाद छह पुलिसकर्मी लापरवाही के आरोप में निलंबित किए गए थे। सात जून को एससीएसटी कोर्ट में पेशी पर आए जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।