यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले राजभर मतदाताओं को लुभाने के लिए अखिलेश यादव ने चला दांव, OP राजभर को लगेगा झटका
UP Politics सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के सम्मेलन में शामिल हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने राजभर मतदाताओं को लुभाने के लिए नया पैंतरा चला है। सपा प्रम ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। राजभर समाज के मतदाताओं को साधने के लिए गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) से अलग होकर बनी सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने ऐलान किया कि समाजवादी पार्टी गोमती तट पर महाराजा सुहेलदेव का स्मारक बनवाएगी।
सपा मुखिया ने कहा कि यह पार्टी संघर्ष की कोख से निकली है। पार्टी के मुखिया महेन्द्र राजभर संघर्ष के दिनों के साथी हैं और घोसी उपचुनाव में उन्होंने ईमानदारी से साथ दिया। यह साथ लंबा चलेगा। सपा को छोड़कर सुभासपा अब एनडीए का हिस्सा बन चुकी है, इसलिए सपा अध्यक्ष ने राजभर मतदाताओं को साधने के लिए उनके विरोधियों को पकड़ा है।
ओम प्रकाश राजभर से नाराज होकर महेन्द्र राजभर ने सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी बनाई है। गुरुवार को गन्ना संस्थान में आयोजित सम्मेलन में महेन्द्र राजभर ने अखिलेश यादव पर भरोसा जताते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई में राजभर समाज के भी शामिल रहने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि राजभर समाज के हक और सम्मान के लिए समाजवादी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ मिलकर सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय के लिए जातीय जनगणना की मांग करती है। कांग्रेस, जिसने इसे अपने कार्यकाल में रोका था, अब जातीय जनगणना की मांग करने लगी है। इससे प्रत्येक स्तर पर आनुपातिक हिस्सेदारी तय होगी।
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सबको आबादी के हिसाब से सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक हक और सम्मान मिलेगा। समाजवादी सरकार बनने पर जातीय जनगणना कराई जाएगी। इस अवसर पर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी, पूर्व विधायक त्रिवेणी रामजी, डा. बलिराज राजभर, उर्मिला राजभर आदि उपस्थिति थे।