कानपुर देहात के तत्कालीन पीआईओ पर 20000 रुपये का जुर्माना, विलंब से और भ्रामक सूचना देने पर हुई कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने कानपुर देहात के तत्कालीन जन सूचना अधिकारी को 20,000 रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। यह आदेश सीमा सिंह की आरटीआई ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
यूपी सूचना आयोग ने 20,000 रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया।
कानपुर देहात के तत्कालीन जन सूचना अधिकारी पर लगा जुर्माना।
आरटीआई आवेदन पर विलंब और भ्रामक सूचना देने का मामला।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने सीमा सिंह बनाम जन सूचना अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जनपद कानपुर देहात के मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए आवेदक को 20 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का निर्देश दिया है।
आवेदक ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत दिनांक चार अक्टूबर 2023 को चार बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी थी। उक्त सूचनाएं थाना रूरा, कानपुर देहात से संबंधित एक आपराधिक प्रकरण में लेखपाल अशोक कुमार की गिरफ्तारी, संबंधित अभिलेखों तथा वाहन संख्या के संबंध में थीं।
जन सूचना अधिकारी ने एक नवंबर, 2023 को बताया कि अपेक्षित सूचना देय नहीं है। आवेदन करने वाली महिला ने आयोग के समक्ष प्रथम एवं द्वितीय अपील प्रस्तुत की।
आयोग द्वारा उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण से यह तथ्य सामने आया कि मांगी गई सूचनाओं के संबंध में संबंधित अभिलेख विभाग के पास उपलब्ध थे तथा प्रकरण की जांच एवं विवेचना से संबंधित अभिलेखों में गिरफ्तारी मेमो, एफआईआर, केस डायरी, चिकित्सकीय परीक्षण संबंधी अभिलेख तथा अन्य संबंधित दस्तावेज उपलब्ध थे।
आयोग ने यह उल्लेख किया कि अपीलार्थिनी को वांछित सूचना प्राप्त होने में लगभग दो वर्ष का विलंब हुआ। राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता ने आदेशित किया कि तत्कालीन जन सूचना अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात की ओर से अपीलार्थिनी को 20 हजार रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।