उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने वाले एक्सईएन के खिलाफ 25 हजार हर्जाना, इलाहाबाद HC की सख्त कार्रवाई
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जौनपुर विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) पर उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने के लिए 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। यह ...और पढ़ें

उपभोक्ता को बार-बार परेशान करने वाले एक्सईएन के खिलाफ 25 हजार हर्जाना।
HighLights
एक्सईएन पर उपभोक्ता को परेशान करने के लिए हर्जाना।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
दो सप्ताह में उपभोक्ता को देनी होगी हर्जाने की राशि।
विधि संवाददाता, प्रयागराज। उपभोक्ता को परेशान करने वाले अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) विद्युत निगम जौनपुर के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।
न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने शुरू में पांच लाख रुपये हर्जाना तय किया, जिसे घटाकर 25 हजार रुपये कर दिया। यह राशि दो सप्ताह में उपभोक्ता को देनी होगी। अन्यथा जिलाधिकारी इसे भू-राजस्व की तरह वसूलेंगे।
मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि जौनपुर की ओम फूड मैन्युफैक्चरिंग सेंटर कंपनी (याची) ने अपने कमर्शियल बिजली कनेक्शन को लेकर बार-बार निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया। मामला तब शुरू हुआ जब लोड बढ़ाने के बाद निगम ने दो साल बाद बिलिंग में गलती बताते हुए 54 लाख रुपये से अधिक की मांग कर दी, जबकि लोड बढ़ाने और मीटर लगाने में उपभोक्ता की कोई गलती नहीं थी।
छह मई 2026 को कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निगम गलती सुधार कर बकाया की मांग तो कर सकता है, लेकिन बिजली काटने जैसी सख्त कार्रवाई नहीं कर सकता। इसके बाद निगम ने अलग-अलग रकम के तीन नोटिस जारी किए। पहले 2.93 लाख, फिर 54.14 लाख, और अंत में 5.44 लाख रुपये की मांग की।
हर बार कंपनी को कोर्ट जाना पड़ा और निगम ने नोटिस वापस ले लिया। कोर्ट ने इसे आदेश की ‘अवमाननापूर्ण’ अवहेलना बताते हुए कहा कि अधिकारी बिना ठोस कारण के बार-बार नोटिस जारी कर रहे थे।
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