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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अखिलेश बोले- गोशालाओं से आ रही भ्रष्टाचार की दुर्गंध, केशव ने किया पलटवार; सत्ता हाथ से गई तो फर्क भूल गए

    Updated: Thu, 27 Mar 2025 09:04 PM (IST)

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के गोशालाओं पर दिए बयान के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन पर तीखा पलटवार किया। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर गोशाल ...और पढ़ें

    केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव - फाइल फोटो।
    केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव - फाइल फोटो।

    HighLights

    1. अखिलेश बोले गोशालाओं से आ रही भ्रष्टाचार की दुर्गंध, केशव ने किया पलटवार
    2. उपमुख्यमंत्री बोले सुगंध और दुर्गंध का फर्क भूल गए अखिलेश, मांगे माफी

    राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गोशालाओं को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के दिए गए एक बयान के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उनपर जमकर निशाना साधा। सपा मुखिया ने कहा कि भाजपा सरकार में गोशालाओं को सेवाभाव से नहीं चलाया जा रहा है।

    गोशालाओं में भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की दुर्गंध है। कमीशनखोरी चरम पर है। इसी बयान पर पलटवार करते हुए उप मुख्यमंत्री ने इंटरनेट मीडिया एक्स पर कहा कि सत्ता हाथ से क्या गई, सुगंध और दुर्गंध में फर्क भूल गए। जिस गौमाता के चरणों में देवी-देवताओं का वास हो, उसी पर तंज कसना अधर्म नहीं तो और क्या है ?

    इससे पहले सपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया था कि गोशालाओं के नाम पर सरकारी बजट भाजपा नेताओं और समर्थकों की जेब में जा रहा है। गोशालाओं में साफ-सफाई नहीं है। गायों के खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है। पूरे प्रदेश से आये दिन गायों की भूख और बीमारी से मरने की खबरें आती है।

    गोशालाओं को लेकर क्या बोले अखिलेश? 

    भाजपा सरकार में गोशालाओं और गायों के नाम पर पैसों की बंदरबांट हो रही है। आज प्रदेश भर में गोशालाओं में गंदगी का अंबार है। गोशालाएं गायों के लिए कैदखाना बन गयी है। भाजपा सरकार गायों की भूख, बीमारी और मौतों के पाप की भागीदार है।

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    इसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस आरोप के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने लिखा कि जो गोधन को बोझ समझे, वह गोपाल भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के चरणों की भक्ति का अलौकिक आनंद क्या जाने। जिनके लिए सत्ता का सिंहासन ही सर्वस्व हो वे गौ, गंगा और गीता की महिमा पर सवाल उठाएंगे ही।

    श्री अखिलेश यादव जी अगर विरासत में केवल सियासत नहीं संस्कार भी मिले होते तो सियासत के साथ सपरिवार गोसेवा भी करते। आपकी कठोर वाणी ने करोड़ों गौभक्तों को आहत किया है। इसके लिए वह तत्काल माफी मागें, अन्यथा सपा का पूर्ण सफाया होगा।

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