लखनऊ में 345 डिस्ट्रीब्यूटर साइबर ठगों को बेचते थे सिम, दूरसंचार विभाग ने किया ब्लैकलिस्ट
साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले फर्जी सिम बेचने के आरोप में दूरसंचार विभाग ने लखनऊ में 345 सिम डिस्ट्रीब्यूटरों को ब्लैकलिस्ट किया है। इनमें वोडाफोन ...और पढ़ें
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345 डिस्ट्रीब्यूटर साइबर ठगों को बेचते थे सिम। AI जेनेरेटेड फोटो
HighLights
लखनऊ में 345 सिम डिस्ट्रीब्यूटर ब्लैकलिस्ट हुए।
साइबर ठगी में फर्जी सिम का उपयोग होता था।
वोडाफोन आइडिया, एयरटेल के सर्वाधिक डिस्ट्रीब्यूटर।
महेन्द्र पाण्डेय, लखनऊ। साइबर ठग लोगों को काल कर ओटीपी पूछते हैं और पासवर्ड बताते ही खाता खाली कर देते हैं। किसी को डिजिटल अरेस्ट कर लेते हैं तो किसी से अन्य तरीके से ठगी करते हैं। ऐसे साइबर जालसाजों को सिम बेचने वाले 345 डिस्ट्रीब्यूटर चिह्नित किए गए हैं। दूरसंचार विभाग ने इन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
इनमें सबसे अधिक 147 डिस्ट्रीब्यूटर वोडाफोन आइडिया (वी) के हैं, जबकि 131 एयरटेल के हैं। इसके बाद भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) व जियो का नंबर है।
बीएसएनएल उत्तर प्रदेश पूर्व परिक्षेत्र के एक अधिकारी ने बताया कि फर्जी तरीके से बेचे गए सिम का अधिकतर उपयोग साइबर फ्राड में किया जाता है। दूरसंचार विभाग ने इन डिस्ट्रीब्यूटरों को ब्लैकलिस्ट तो कर दिया है, लेकिन यह जांच का विषय है कि बड़ी संख्या में गलत तरीके से बेचे जा रहे सिम का उपयोग कहां-कहां किया गया है?
दूरसंचार विभाग के निदेशक बीरेंद्र मौर्य ने बताया कि सभी टेलीकाम आपरेटरों को नियम के अनुसार ही सिम बेचने का निर्देश है, लेकिन कई डिस्ट्रीब्यूटर जालसाजों के साथ मिलकर मनमानी करते हैं।
उत्तर प्रदेश पूर्व परिमंडल के 48 जिलों में दिसंबर 2024 से अब तक 532 संदिग्ध डिस्ट्रीब्यूटर (प्वाइंट आफ सेल) की शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिनमें सबसे अधिक 204 शिकायतें एयरटेल से जुड़ी थीं।
हालांकि वोडाफोन आइडिया की शिकायतें की एयरटेल से कम थीं, लेकिन उनके डिस्ट्रीब्यूटरों में सर्वाधिक गड़बड़ियां मिलीं। ये डिस्ट्रीब्यूटर एक ही व्यक्ति के नाम से पांच-छह या इससे अधिक सिम बेच देते थे।
दूरसंचार विभाग के निदेशक के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक दिन में एक से दो सिम लेगा, पांच-छह या इससे अधिक क्यों लेगा? दूरसंचार अधिकारियों ने ऐसे डिस्ट्रीब्यूटर को संदिग्ध मानकर उनके अभिलेखों का विश्लेषण किया गया।
इसके बाद जांच में कई डिस्ट्रीब्यूटर के यहां गड़बड़ी पाई गईं तो उन्हें ब्लैकलिस्ट किया गया। भविष्य में वे अब सिम नहीं बेच पाएंगे।
| कंपनी | शिकायतें | ब्लैकलिस्ट |
|---|---|---|
| एयरटेल | 204 | 131 |
| वी | 171 | 147 |
| बीएसएनएल | 102 | 36 |
| जियो | 55 | 31 |
आंकड़ा स्रोत- दूरसंचार विभाग
बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य, फिर भी गड़बड़ी
अब सभी नए सिम कार्ड के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य है। हालांकि अपराधी और जालसाज सिम कार्ड प्राप्त करने के लिए अक्सर अवैध तरीकों का उपयोग करते हैं। किसी अन्य व्यक्ति के आधार कार्ड या आईडी की फोटोकॉपी का दुरुपयोग करते हैं।
सिम विक्रेता की मिलीभगत से गलत चेहरे की पहचान (फेस अथेंटिकेशन) या बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल करते हैं। सॉफ्टवेयर के जरिए सिम की क्लोनिंग या धोखे से किसी और का नंबर दूसरे सिम पर ट्रांसफर कर लेते हैं।