लखनऊ में AI सिटी की शुरुआत जांच पूरी, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स की एक ट्रिलियन डॉलर के टारगेट को लेकर तेजी से बढ़ रहे कदम
लखनऊ में प्रस्तावित एआई सिटी की प्री-फिजिबिलिटी स्टडी पूरी हो गई है। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के तहत आईटी, एआई ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में सरकार सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), ड्रोन टेक्नोलाजी और इलेक्ट्रानिक्स सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी है।
इसी कड़ी में लखनऊ में प्रस्तावित एआइ सिटी के लिए प्री-फिजिबिलिटी स्टडी (प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले की जांच) पूरी कर ली गई है। अब इसके लिए जमीन चिन्हित करने और निवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर काम किया जाएगा।
बैठक में प्रगति की हुई समीक्षा
यह जानकारी आइटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा की अध्यक्षता में बापू भवन में हुई समीक्षा बैठक में सामने आई। बैठक में विभाग की योजनाओं, नीतियों और अब तक हुई प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि एआइ सिटी के माध्यम से तकनीक आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएग।
निवेश आकर्षित किया जाएगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी स्किलिंग, रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किए जा रहे यूपी एआइ मिशन के ड्राफ्ट पर भी चर्चा हुई।
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गौतम बुद्ध नगर को ग्लोबल आइटी, आइटीईएस और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने से जुड़ी पहलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इस संबंध में जारी आपरेशनल गाइडलाइंस, निवेशकों के लिए बनाए गए सुविधा तंत्र और कंपनियों के साथ चल रहे संवाद की प्रगति की जानकारी दी।
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बैठक में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग, ड्रोन टेस्टिंग और अनुसंधान से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। साथ ही कृषि, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में ड्रोन के संभावित उपयोगों पर मंथन हुआ।
बैठक में राज्य मंत्री अजीत पाल, प्रमुख सचिव आइटी एवं इलेक्ट्रानिक्स अनुराग यादव सहित अन्य अधिकारी रहे। डेलाइट की टीम ने बैठक में विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया।